पंजाब पुलिस के पहले दलित महानिदेशक (डीजीपी) चौधरी सुबे सिह का 86 वर्ष की आयु में मोहाली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। मूल रूप से जींद जिले के जुलाना के निकटवर्ती गांव शामलो कलां के निवासी बौधरी सुबे सिंह ने अपनी उच्च शिक्षा रोहतक के रविदास हॉस्टल में रहकर पूरी की थी। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत चौधरी चांद राम के बेहद करीबी और 1963 बैच के पंजाब कैडर के प्रतिष्ठित आईपीएस अधिकारी थे।
अपने कड़े अनुशासन, ईमानदारी और व्यावहारिक प्रशासनिक दृष्टिकोण के लिए पहचाने जाने वाले चौधरी सुबे सिंह ने अपने 35 साल से अधिक के लंबे सेवाकाल में पंजाब के कई जिलों
और रेंजों में अपनी सेवाएं दीं । वह जालंधर, अमृतसर, फिरोजपुर, बठिंडा और पटियाला जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विभित्र वरिष्ठ पदों (एसपी और आईजी रेंज) पर तैनात रहे। चौ सुबेसिंह ने जुलाई 1996 से फरवरी 1997 तक पंजाब के डीजीपी के रूप में सेवाएं दीं और राज्य के पहले दलित डीजीपी बनने का गौरव हासिल किया।
पुष्पा रानी रिपोर्टर कैंथल