ब्यूरो चीफ गरियाबदं
टी एल के धुव्र
श्रद्धांजलि – “छत्तीसगढ़ की कला की मां चली गईं”
गरियाबंद, 30 जून 2026। छत्तीसगढ़ की लोक कला की पहचान, विश्वविख्यात पंडवानी गायिका पद्म भूषण तीजन बाई के निधन की खबर से पूरे जिले में शोक की लहर है।
जय मां घटारानी युवा रेडियो लिस्नर्स क्लब फुलझर जिला गरियाबंद के अध्यक्ष योगेश्वर साहू ने बताया कि तीजन बाई जी के निधन से हम सभी कलाकारों और छत्तीसगढ़ वासियों के लिए अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने पूरे भारत व विदेशों में अपना नाम का परचम लहराया।
कलाकारों और रेडियो श्रोताओं ने दी श्रद्धांजलि: क्लब द्वारा आयोजित शोकसभा में फुलझर क्षेत्र के कलाकारों और रेडियो श्रोताओं ने तीजन बाई जी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सभी ने 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
श्रद्धांजलि देने वालों में शामिल:योगेश्वर साहू, मोहन लाल देवांगन, गौकरण मानिकपुरी, प्रदीप कुमार यदु, जानु साहु, हरिश्चंद्र तारक, बाबुलाल साहु, जीतु ध्रुव, टीकम राम साहु, महेंद्र गंधर्व, ईश्वर ताराक, दीलीप कुमार ध्रुव* आदि रेडियो श्रोताओं ने श्रद्धांजलि दी।
योगेश्वर साहू ने कहा: _”तीजन बाई जी सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, वो छत्तीसगढ़ की मां थीं। उन्होंने पंडवानी के जरिए हमारी संस्कृति को जिंदा रखा। रेडियो पर उनका गाना सुनकर हम बड़े हुए। आज उनके बिना छत्तीसगढ़ सूना हो गया है। हम सभी रेडियो श्रोता और कलाकार उनके परिवार के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।”_
क्या थी उपलब्धि: गनियारी गांव की बेटी तीजन बाई जी ने बिना किसी औपचारिक शिक्षा के पंडवानी को विश्व स्तर पर पहुंचाया। उन्हें पद्म श्री 1987 और पद्म भूषण 2019 से सम्मानित किया गया। उनकी आवाज और शैली आज भी हर छत्तीसगढ़ी के दिल में बसती है।
शोकसभा में उपस्थित: जय मां घटारानी युवा रेडियो लिस्नर्स क्लब के पदाधिकारी, क्षेत्र के लोक कलाकार और बड़ी संख्या में रेडियो श्रोता शोकसभा में शामिल हुए। सभी ने कहा कि _”संगठन में ही शक्ति है”_ और तीजन बाई जी का सपना आगे बढ़ाएंगे।