राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी। देशभर में पहचान का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका आधार कार्ड अब कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। कटनी में आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि, पता और अन्य जानकारियों में त्रुटियों को सुधारवाने के लिए नागरिकों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है।
सुबह से ही आधार सेवा केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। इनमें स्कूली बच्चे अपनी यूनिफॉर्म में, बुजुर्ग, महिलाएं और नौकरीपेशा लोग भी शामिल हैं। कई लोग शिकायत करते हैं कि आधार में पहले से दर्ज गलत जानकारी को सुधारने के लिए बार-बार दस्तावेज मांगे जाते हैं। जन्मतिथि में संशोधन के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य बताया जाता है, जबकि कई लोगों के पास यह दस्तावेज उपलब्ध नहीं होता।
लोगों का कहना है कि प्रत्येक संशोधन के लिए निर्धारित शुल्क लिया जाता है। यदि किसी कारण से आवेदन निरस्त हो जाए, तो दोबारा आवेदन करने पर फिर शुल्क जमा करना पड़ता है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं, जबकि गलती कई मामलों में पहले से दर्ज डेटा की होती है।
नागरिकों का सवाल है कि यदि त्रुटि उनकी नहीं है, तो उसका पूरा बोझ आम जनता पर क्यों डाला जा रहा है? बार-बार चक्कर लगाने और लंबी प्रक्रिया से लोग परेशान हैं।
आधार आज बैंक, शिक्षा, सरकारी योजनाओं और लगभग हर जरूरी सेवा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में आधार सुधार की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग और सरकार इस समस्या पर ध्यान देकर आम नागरिकों को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाएंगे, या फिर लोग इसी तरह लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहेंगे।