डबरा। डबरा नगर पालिका में विकास कार्यों को लेकर चल रहा पार्षदों का अनिश्चितकालीन धरना आखिरकार समाप्त हो गया। नगर पालिका उपाध्यक्ष सत्येंद्र दुबे समेत एक दर्जन से अधिक पार्षद विकास कार्यों की लंबित फाइलों और शहर की मूलभूत समस्याओं को लेकर धरने पर बैठे थे।
पार्षदों का आरोप था कि कई विकास कार्यों के प्रस्ताव पास होने के बावजूद उनकी फाइलों पर आगे कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके अलावा शहर में पानी, सड़क, बिजली और साफ-सफाई जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर भी पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन पर सवाल उठाए थे।
विकास कार्यों की फाइलें लंबित होने का आरोप
धरने पर बैठे पार्षदों ने मांग की थी कि स्वीकृत विकास कार्यों की लंबित फाइलों को आगे बढ़ाया जाए और वार्डों में रुके हुए काम जल्द शुरू कराए जाएं। पार्षदों ने यह भी कहा था कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
हालांकि, अब धरना समाप्त हो गया है। लेकिन धरना खत्म होने के बाद यह सवाल जरूर खड़ा हो गया है कि आखिर पार्षद किस भरोसे पर धरने से उठे?
धरना खत्म, लेकिन सवाल बरकरार
धरना समाप्त होने के बाद अब लोगों की नजर नगर पालिका प्रशासन के अगले कदम पर है। क्या लंबित विकास कार्यों की फाइलें आगे बढ़ेंगी? क्या वार्डों में रुके हुए निर्माण कार्य शुरू होंगे? और क्या शहर की पानी, सड़क, बिजली और साफ-सफाई जैसी समस्याओं का समाधान हो पाएगा?
फिलहाल पार्षदों का धरना खत्म हो चुका है, लेकिन उनके द्वारा उठाए गए सवाल अभी भी कायम हैं। अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि धरना समाप्त होने के बाद डबरा नगर पालिका में विकास कार्यों में वास्तव में तेजी आती है या फिर स्थिति पहले जैसी ही बनी रहती है।