लोकेशन – कोटपूतली – बहरोड़ जिला रिपोर्टर – रवि मित्तल
कोटपूतली – बहरोड़ । कोटपूतली – बहरोड़ जिले के ग्राम मेड़ कस्बे के राड़ावास स्थित प्रसिद्ध कुचा वाला भेरू बाबा धाम पर हर साल की भांति इस साल भी विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। भंडारे से पूर्व शनिवार को ध्वज यात्रा और भव्य कलश यात्रा का कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया।
शनिवार सुबह बड़े शिव मंदिर परिसर से विधि-विधान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पंडितों ने वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ पूजा-अर्चना कर कलशों की स्थापना की और उन्हें मंत्रोच्चार के साथ रवाना किया।
पूजा के बाद 751 महिलाओं द्वारा सिर पर कलश धारण कर और 151 श्रद्धालुओं द्वारा हाथों में केसरिया ध्वज लेकर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कलश यात्रा बड़े शिव मंदिर से रवाना होकर कस्बे के मुख्य मार्गों से होती हुई कुचा वाला भैरू धाम पहुंची।
डीजे की धुन पर झूमे श्रद्धालु, हुई जमकर पुष्पवर्षा
जिस मार्ग से कलश यात्रा गुजरी, वहां श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने जगह-जगह कलश यात्रा पर पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। डीजे की भक्ति भरी धुनों पर महिलाएं और युवा नाचते-गाते हुए यात्रा में शामिल हुए। पूरा कस्बा “जय भेरू बाबा” के जयकारों से गूंज उठा।
पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद, जगह-जगह हुई सेवा
इस भव्य आयोजन को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। कलश यात्रा के आगे-आगे पुलिस जवान चल रहे थे ताकि यात्रा को मुख्य मार्गों से शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जा सके और यातायात व्यवस्था बनी रहे। पुलिस की मौजूदगी से पूरे कार्यक्रम में अनुशासन बना रहा।
वहीं गर्मी को देखते हुए स्थानीय लोगों और भामाशाहों ने मानवता की मिसाल पेश की। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी, शरबत और खाने-पीने की व्यवस्था की गई। कई स्थानों पर स्टॉल लगाकर कलश यात्रियों को जलपान कराया गया। श्रद्धालुओं की इस सेवा भावना की सभी ने सराहना की।
आयोजन समिति के अनुसार, कुचा वाला भेरू बाबा धाम पर हर साल विशाल भंडारे और मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। रविवार को मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें सभी भक्तों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई है।
इस दौरान आयोजन समिति के पदाधिकारी, पुजारी, पुलिस प्रशासन के जवान और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।