मयूरभंज, 1 सितंबर। मोरड़ा क्षेत्र के वणिक संघ के अध्यक्ष सौरभ महांति को मोरड़ा जेएमएफसी अदालत ने एक मामले में निःशर्त जमानत प्रदान कर दी। मामला मोरड़ा कोर्ट में कार्यरत कांस्टेबल कमल लोचन महांति के साथ कथित विवाद से जुड़ा है।जानकारी के अनुसार, किसी पुराने मामले को लेकर सौरभ महांति और कांस्टेबल कमल लोचन महांति के बीच कहासुनी हुई थी। आरोप है कि इस दौरान कांस्टेबल के साथ गाली-गलौज की गई। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता भी हो गया था। इसके बावजूद कांस्टेबल कमल लोचन महांति ने मोरड़ा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।घटना के अगले दिन, शनिवार 29 अगस्त 2026 की शाम मोरड़ा थाना प्रभारी सुमित कुमार सोरेन ने सौरभ महांति को उनकी दवा की दुकान से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने केस नंबर 338/26 दर्ज करते हुए बीएनएस की धाराओं 126(2), 308(2), 132, 296, 351(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद रविवार को उन्हें मोरड़ा जेएमएफसी अदालत में पेश किया गया।सौरभ महांति की गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद मोरड़ा वणिक संघ से जुड़े सैकड़ों दुकानदार अदालत परिसर में पहुंचे और उन्हें धैर्य बनाए रखने तथा न्यायालय पर भरोसा रखने का भरोसा दिलाया।मामले की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद माननीय अदालत ने सौरभ महांति को एक ही दिन में निःशर्त जमानत प्रदान कर दी।जमानत पर बाहर आने के बाद वणिक संघ अध्यक्ष सौरभ महांति ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उनके और कांस्टेबल के बीच जो विवाद हुआ था, वह आपसी स्तर पर सुलझ चुका था। उनका आरोप है कि इसके बावजूद राजनीतिक द्वेष के कारण उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।सौरभ महांति ने कहा कि वह लगातार व्यापारियों के हितों और क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से राजनीतिक षड्यंत्र के तहत उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया।उन्होंने कहा कि माननीय अदालत ने मामले को उचित तरीके से देखते हुए उन्हें निःशर्त जमानत दी है। उन्होंने आगे कहा कि कितने भी झूठे मामले दर्ज किए जाएं, उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। आम जनता की समस्याओं और क्षेत्र के विकास को लेकर वे भविष्य में अपनी आवाज और मजबूती से उठाते रहेंगे।सौरभ महांति ने यह भी कहा कि उन्हें फंसाने के लिए कथित रूप से षड्यंत्र करने वालों को आने वाले दिनों में जनता करारा जवाब देगी।