संगीत के सुरों में बंधा स्वर् गंगा परिवार का स्नेह, सदस्यों की शानदार प्रस्तुतियों ने लूटी महफिल
रिपोर्ट अमर केवट / हरिद्वार। होटल फॉर्च्यून गंगा, हरिद्वार में ‘स्वर गंगा कराओके परिवार’ का भव्य एवं आत्मीय शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गोपाल कृष्ण शर्मा जी, अजय चतुर्वेदी जी, संदीप गुप्ता जी, दीपक मिश्रा जी, महताब आलम जी एवं डॉ. प्रेम लूथरा जी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।कार्यक्रम में परिवार के लगभग 25 सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कराओके संगीत के सुरों के साथ सदस्यों ने एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। सदस्यों की मधुर गायकी ने जहां सभी का मन मोहा, वहीं गोपाल कृष्ण शर्मा जी ने माउथ ऑर्गन की मनमोहक प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही बटोरी। हर प्रस्तुति के बाद तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा वातावरण उत्साह और उमंग से भर गया।कार्यक्रम में आदित्य जी, अजय चतुर्वेदी जी, अनिल शर्मा जी, अनिरुद्ध जी, एडवोकेट अनिल जी, दीपक मिश्रा जी, फारुख जी, गंगा जोशी जी, गौरव जी, गोपाल कृष्ण शर्मा जी, हर्ष शर्मा जी, इंद्रा जी, अक्षत जी, महताब आलम जी, राहुल बिरला जी, सुशील अग्रवाल जी, रवि अरोड़ा जी, संदीप गुप्ता जी, गोपाल भटनागर जी, डॉ. प्रेम लूथरा जी, अरुणा जी, मीनाक्षी तनेजा जी एवं रचना जी सहित परिवार के सदस्यों ने अपनी शानदार संगीत प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि यहां संगीत के साथ पारिवारिक प्रेम, आत्मीयता और भाईचारे का सुंदर संगम देखने को मिला। सभी सदस्यों ने एक-दूसरे की प्रस्तुतियों का उत्साह बढ़ाया और कलाकारों का तालियों से जोरदार स्वागत किया।
स्वर गंगा परिवार द्वारा यह संगीत यात्रा निरंतर जारी रखी जाएगी। परिवार का अगला कार्यक्रम अक्टूबर माह में आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित न रहकर संगीत को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना है।
स्वर गंगा परिवार के माध्यम से बच्चों, युवाओं, बड़ों एवं बुजुर्गों को संगीत सीखने, गाने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया जाएगा। परिवार का मानना है कि संगीत उम्र का मोहताज नहीं होता—यह बच्चों में प्रतिभा को निखारता है, युवाओं को सकारात्मक दिशा देता है, बड़ों के तनाव को कम करता है और बुजुर्गों के जीवन में नई ऊर्जा एवं आनंद भरता है।इसी उद्देश्य के साथ स्वर गंगा परिवार संगीत, संस्कार, आत्मीयता और पारिवारिक सौहार्द की इस सुंदर यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।