कप्तिपदा, 18/09: आपातकालीन स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा पर ग्रामीण निर्भर रहते हैं। लेकिन यदि एंबुलेंस समय पर मरीज तक नहीं पहुंच पाए, तो गंभीर मरीज की परेशानी और बढ़ सकती है। ऐसा ही एक मामला मयूरभंज जिले के कप्तिपदा प्रखंड के नुटो पंचायत के वार्ड नंबर-3 अंतर्गत देखा चतुरी गांव में सामने आया है।जानकारी के अनुसार, कप्तिपदा प्रखंड मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित देखा चतुरी गांव की 70 वर्षीय वृद्धा सुमित्रा महांत की तबीयत अचानक खराब हो गई। उनकी आपातकालीन चिकित्सा के लिए परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन कर बुलाया।108 एंबुलेंस गांव तक पहुंची, लेकिन गांव के मुख्य रास्ते पर कीचड़ भरा होने के कारण आगे नहीं जा सकी। सड़क की खराब स्थिति के चलते एंबुलेंस मरीज के घर तक नहीं पहुंच पाई। इसके बाद परिजनों और पड़ोसियों ने मजबूर होकर सुमित्रा महांत को एक यात्री ऑटो में बैठाकर करीब आधा किलोमीटर दूर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 80 वर्ष बाद भी गांव तक स्थायी सड़क नहीं बन पाना गंभीर चिंता का विषय है। सरकार की ओर से पंचायतों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है।ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव की सड़क की स्थिति सुधारने और स्थायी सड़क निर्माण की मांग की है। अब देखना यह है कि कप्तिपदा प्रखंड प्रशासन इस सड़क की समस्या के समाधान के लिए कब तक कदम उठाता है।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज की रिपोर्ट।