आकाशीय बिजली गिरने से पहले ग्रामीणों को करेंगे सतर्क
सोनभद्र। आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए जिले में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए गए हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्थापित किए गए करीब 40 सिस्टम बिजली गिरने की आशंका का पहले ही पता लगाकर लोगों को सतर्क करेंगे। इनमें सबसे अधिक संवेदनशील दुद्धी तहसील और ब्लॉक क्षेत्र में करीब 32 सिस्टम लगाए गए हैं। एक सिस्टम कलेक्ट्रेट परिसर में भी स्थापित किया गया है।
सिस्टम में लगे सेंसर बादलों की गतिविधियों और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को रिकॉर्ड करेंगे। खतरे का संकेत मिलते ही बिजली गिरने से लगभग 10 से 20 मिनट पहले सायरन बजने लगेगा। सायरन की आवाज करीब दो से तीन किलोमीटर के दायरे तक सुनाई देगी। इससे खेतों और खुले स्थानों पर काम कर रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का समय मिल सकेगा।
दुद्धी क्षेत्र भौगोलिक रूप से पहाड़ी और वनाच्छादित है। यहां हर वर्ष आकाशीय बिजली की चपेट में आने से लोगों और पशुओं की मौत की घटनाएं सामने आती हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र के संवेदनशील गांवों में वज्रपात चेतावनी प्रणाली स्थापित कराई है।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को सायरन बजने पर तत्काल खुले स्थानों से हटकर पक्के भवन या सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जा रही है। साथ ही वज्रपात से बचाव के उपायों को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। सिस्टम को सौर ऊर्जा से जोड़ने की व्यवस्था भी की गई है, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर भी यह काम करता रहे।