*पितृपक्ष मेला 2026 के 14वें दिन भी बड़ी संख्या में गयाजी पहुंच रहे तीर्थयात्री, जिला पदाधिकारी ने विष्णुपद क्षेत्र में दो घंटे तक स्वयं संभाली कतार व्यवस्था*
*जिला पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने गया रेलवे स्टेशन पहुंचकर भीड़ प्रबंधन, यात्रियों की सुरक्षा एवं बुनियादी सुविधाओं का लिया जायजा; अगले 48 घंटे तक पूरी मुस्तैदी से कार्य करने का निर्देश*
गया, 09 अक्टूबर 2026, पितृपक्ष मेला 2026 अब समापन की ओर अग्रसर है, लेकिन अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा एवं धार्मिक आस्था के साथ बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों का गयाजी आगमन लगातार जारी है। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंच रहे श्रद्धालु गया जी के विभिन्न वेदियों एवं घाटों पर अपने पितरों का तर्पण एवं पिंडदान कर रहे हैं। तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा मेला क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन, सुगम आवागमन, सुरक्षा, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की सतत निगरानी की जा रही है।
इसी क्रम में पितृपक्ष मेला के 14वें दिन जिला पदाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर ने विष्णुपद मंदिर क्षेत्र पहुंचकर श्रद्धालुओं की लंबी कतार का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कतार को व्यवस्थित कराने में सक्रिय भूमिका निभाई, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक मंदिर में दर्शन करने तथा घाटों तक पहुंचकर पिंडदान एवं तर्पण करने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।
जिला पदाधिकारी ने स्वयं लगभग दो घंटे तक लगातार श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कराने एवं भीड़ को व्यवस्थित रखने में योगदान दिया। उनके द्वारा मौके पर उपस्थित रहकर व्यवस्था की निगरानी किए जाने से श्रद्धालुओं के आवागमन को सुचारु बनाए रखने में सहायता मिली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया कि कतार में लगे श्रद्धालुओं को अनावश्यक प्रतीक्षा एवं अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़े तथा मंदिर परिसर एवं घाटों पर भीड़ का दबाव नियंत्रित रहे।
इसके उपरांत जिला पदाधिकारी विष्णुपद मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे, जहां उन्होंने तीर्थयात्रियों से सीधे संवाद कर मेला के दौरान उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की तथा राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के प्रति संतोष व्यक्त किया। श्रद्धालुओं ने बेहतर भीड़ प्रबंधन, प्रशासनिक सक्रियता एवं सहयोगात्मक व्यवहार को लेकर अपनी प्रसन्नता जाहिर की।
*विभिन्न घाटों एवं मेला स्थलों का पैदल निरीक्षण*
विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के निरीक्षण के बाद जिला पदाधिकारी ने देवघाट, गजाधर घाट, गया जी डैम, श्मशान घाट सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का पैदल भ्रमण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं के आवागमन, भीड़ की स्थिति, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को व्यवस्थाएं निरंतर दुरुस्त रखने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने विभिन्न स्थलों पर प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति की औचक जांच भी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेला के अंतिम चरण में भी किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए। प्रत्येक प्रतिनियुक्त पदाधिकारी एवं कर्मी अपने निर्धारित स्थल पर उपस्थित रहकर पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी स्तर पर परेशानी न हो।
*गया रेलवे स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण*
पिंडदान के उपरांत बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के रेल मार्ग से अपने गंतव्य की ओर लौटने को ध्यान में रखते हुए जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, गया श्री सुशील कुमार ने गया रेलवे स्टेशन के बाहरी परिसर एवं प्लेटफॉर्मों का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने स्टेशन पर यात्रियों की भीड़, आवागमन की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था तथा उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने रेलवे के अधिकारियों एवं रेलवे पुलिस के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि ट्रेनों के परिचालन एवं उनके आगमन-प्रस्थान से संबंधित घोषणाएं लगातार एवं स्पष्ट रूप से कराई जाएं। इससे यात्रियों को अपनी ट्रेन की जानकारी समय पर मिल सकेगी और प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ जमा होने की स्थिति से बचा जा सकेगा।
उन्होंने प्लेटफॉर्मों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश देते हुए कहा कि रेलवे एवं रेलवे पुलिस के पदाधिकारी पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाएं। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। स्टेशन परिसर में भीड़ का उचित प्रबंधन किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि तीर्थयात्रियों को स्टेशन में प्रवेश करने, प्लेटफॉर्म तक पहुंचने, ट्रेन पकड़ने एवं अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
जिला पदाधिकारी ने स्टेशन के बाहरी परिसर एवं प्लेटफॉर्मों पर पेयजल तथा शौचालय की व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा जहां कहीं भी कमी दिखाई दे, उसे तत्काल दूर किया जाए। किसी भी प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक रूप से भीड़ एकत्रित न होने पाए, इसके लिए संबंधित पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ लगातार कार्य करें।
उन्होंने रेलवे एवं रेलवे पुलिस के पदाधिकारियों तथा कर्मियों से अपील की कि तीर्थयात्रियों के प्रति सेवाभाव एवं संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करें। जरूरत पड़ने पर यात्रियों को सही प्लेटफॉर्म, ट्रेन एवं आवागमन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएं तथा बुजुर्गों, महिलाओं एवं अन्य जरूरतमंद यात्रियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
*अगले 48 घंटे तक विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश*
जिला पदाधिकारी ने कहा कि पितृपक्ष मेला के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं। पिंडदान एवं तर्पण की धार्मिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद इनमें से अधिकांश तीर्थयात्री रेल मार्ग से अपने घर लौटते हैं। ऐसे में गया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही एवं भीड़ का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। प्रशासन एवं रेलवे की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक तीर्थयात्री की यात्रा सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक हो।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 48 घंटे तक विशेष सतर्कता एवं पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करें। यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित रखने, ट्रेनों से संबंधित सूचनाओं का नियमित प्रसारण करने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने तथा पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल तीर्थयात्रियों को उनके धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराने में सुविधा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित एवं सुखद अनुभव के साथ अपने घर लौटने में भी हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
जिला प्रशासन, गया द्वारा पितृपक्ष मेला के अंतिम चरण में भी मेला क्षेत्र से लेकर रेलवे स्टेशन तक व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि गयाजी आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुगम दर्शन, सुरक्षित आवागमन एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और वे अपने पितरों का तर्पण एवं पिंडदान संपन्न कर संतोष एवं सुखद अनुभूति के साथ अपने घर लौट सकें।
रिपोर्टर – त्रिलोकी नाथ गयाजी बिहार