बारीपदा, 13 अक्टूबर: महाराजा पूर्णचंद्र स्वायत्त महाविद्यालय (एमपीसी), बारीपदा में इस वर्ष होने वाले छात्र संसद चुनाव को लेकर कैंपस में राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है। इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार अंजन सोरेन और महासचिव पद के उम्मीदवार प्रभास कुमार मारांडी छात्र-छात्राओं के बीच विशेष चर्चा में हैं।इन दोनों उम्मीदवारों की चर्चा का प्रमुख कारण पिछले चार से पांच वर्षों से कॉलेज की विभिन्न समस्याओं को लेकर स्वतंत्र रूप से छात्र-छात्राओं के हित में आवाज उठाना बताया जा रहा है। उनके समर्थकों का कहना है कि ये उम्मीदवार केवल चुनाव के समय वोट मांगने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि विद्यार्थियों की समस्याओं के दौरान भी उनके साथ खड़े होते रहे हैं।छात्रों की समस्याओं को लेकर अतीत में दोनों ने परीक्षा परिणामों के प्रकाशन में देरी तथा निर्धारित समय पर परिणाम जारी करने की मांग उठाई थी। इसके अलावा, निर्धारित समय से कम अवधि में परीक्षा आयोजित किए जाने की स्थिति में पाठ्यक्रम में 50 प्रतिशत कटौती की मांग भी की गई थी।विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर कॉलेज के मुख्य द्वार पर लगातार पांच दिनों तक दिन-रात आंदोलन भी किया गया था। वहीं, छात्रावास अधीक्षक और तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक के व्यवहार को लेकर असंतोष जताते हुए उनके स्थानांतरण की मांग के समर्थन में जिला कलेक्टर कार्यालय तक पदयात्रा भी निकाली गई थी।दूसरी ओर, बीसीजेडी और एबीवीपी के उम्मीदवारों के बीच भी चुनावी प्रतिस्पर्धा जारी है। पिछले कुछ वर्षों में छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान के लिए किस संगठन ने कितने प्रयास किए हैं, यह मुद्दा अब चुनावी चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।इस बार छात्र संसद चुनाव में केवल राजनीतिक या संगठनात्मक पहचान ही नहीं, बल्कि उम्मीदवारों के पूर्व कार्य, नेतृत्व क्षमता, विद्यार्थियों के साथ उनका जुड़ाव और समस्याओं के समाधान के लिए किए गए प्रयास भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।इसी संदर्भ में अंजन सोरेन और प्रभास कुमार मारांडी के पूर्व आंदोलनों तथा छात्र हितों से जुड़े कार्यों को उनके चुनाव प्रचार का प्रमुख आधार बताया जा रहा है।हालांकि, चुनाव में किस उम्मीदवार को जीत मिलेगी, इसका अंतिम फैसला छात्र-छात्राओं के मतदान से ही होगा। अब सभी की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज, स्टेट हेड।