
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के महत्वपूर्ण सूत्र बताते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
• अनुशासन और दिनचर्या: जीवन में बड़ा लक्ष्य तय करने के साथ ही अनुशासन को दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है। सुबह जल्दी उठना, नियमित व्यायाम और समय सारिणी (Time Table) के अनुसार काम करना सफलता की सीढ़ी है।
• प्रभावी संवाद कौशल (Communication Skills): बदलते समय के साथ नए कौशल सीखना अनिवार्य है। अपनी बात को इतनी सहजता और सरलता से पेश करें कि सामने वाला उसे सही ढंग से समझ सके।
• बेहतर श्रोता बनना: व्यवहार कौशल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक अच्छा श्रोता बनना, दूसरों की बात को ध्यान से सुनना और समझना भी प्रभावी संवाद का ही एक अहम हिस्सा है।
• सर्वांगीण विकास: शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनना है। पढ़ाई के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक व रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने से टीम भावना और नेतृत्व के गुण विकसित होते हैं।
इस संवाद सत्र के दौरान उच्च शिक्षा उपनिदेशक (स्कूल) नरेश चंदेल सहित विद्यालय के सभी शिक्षक और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।