दुनिया के लोग दिखावे में विश्वास रखते हैं, वास्तविकता में नहीं : मुनिश्री आदित्यसागर जी
पैसे गिनाने वाला कभी पैसे वाला नहीं होता, पैसा होना अच्छा है, पैसों का घमंड होना ओछा है
उदयपुर। मुनिश्री आदित्यसागर जी महाराज ने धन और अहंकार को लेकर जीवन की महत्वपूर्ण सीख दी। उन्होंने कहा कि दुनिया के लोग अक्सर दिखावे में विश्वास रखते हैं, वास्तविकता में नहीं। पैसे गिनाने वाला कभी पैसे वाला नहीं होता। पैसा होना अच्छी बात है, लेकिन पैसों का घमंड करना ओछापन है।
मुनिश्री ने संदेश दिया कि व्यक्ति की वास्तविक पहचान धन-दौलत के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि उसके विचारों, व्यवहार और संस्कारों से होती है। धन का दिखावा करने के बजाय विनम्रता, सदाचार और त्याग को जीवन में महत्व देना चाहिए। पैसों से सुविधाएं खरीदी जा सकती हैं, लेकिन सम्मान और प्रतिष्ठा अच्छे आचरण से ही प्राप्त होते हैं।
संदेश: धन का अहंकार नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार और विनम्रता ही व्यक्ति को महान बनाते हैं।
मुकेश जैन