लोकेशन सेवढ़ा मध्य प्रदेश संवाददाता मेघ राजपूत
दतिया।
सेवढ़ा तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर अधिवक्ता संघ ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। तहसील में पदस्थ तीनों तहसीलदारों की कथित गैरमौजूदगी और एक न्यायालय कक्ष में कंप्यूटर पर ताश का गेम खेले जाने के आरोप लगाते हुए अधिवक्ता संघ ने राजस्व मंत्री, मध्यप्रदेश शासन को शिकायती आवेदन भेजकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अधिवक्ता संघ सेवढ़ा द्वारा 30 अक्टूबर 2026 को दिए गए आवेदन के अनुसार, तहसील सेवढ़ा में तहसीलदार दिनेश राजेन्द्र जाटव, रामनरेश आर्य और मनोज व्यास पदस्थ हैं। संघ का आरोप है कि 28 अक्टूबर को तीनों तहसीलदार तहसील कार्यालय में उपस्थित नहीं थे और न ही उनके द्वारा अवकाश लिया गया था। इसके चलते अपने प्रकरणों में पैरवी के लिए पहुंचे अधिवक्ताओं सहित सैकड़ों पक्षकारों को दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शिकायत में थरेट सर्किल पर पदस्थ तहसीलदार मनोज व्यास के न्यायालय को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अधिवक्ताओं के मुताबिक, जब वे न्यायालय पहुंचे तो वहां मौजूद स्टाफ ने तहसीलदार के क्षेत्र भ्रमण पर होने की जानकारी दी। इसी दौरान न्यायालय में एक व्यक्ति कंप्यूटर पर ताश का गेम खेलता हुआ दिखाई दिया। पूछताछ करने पर उसने स्वयं को बाबू बताया।
अधिवक्ता संघ का कहना है कि जब संबंधित तहसीलदार मनोज व्यास का मोबाइल नंबर लेकर उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने बाहर होने की बात कही और फोन काट दिया। इस घटनाक्रम ने तहसील कार्यालय की व्यवस्था और आमजन के कार्यों के प्रति जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अधिवक्ता संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर संबंधित तहसीलदारों एवं जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि जब राजस्व न्यायालयों में अपने मामलों के निराकरण की उम्मीद लेकर आमजन पहुंचते हैं, तब अधिकारियों की कथित गैरमौजूदगी और न्यायालय में इस तरह की गतिविधियों पर जिम्मेदारी कौन तय करेगा?
नोट: समाचार अधिवक्ता संघ द्वारा दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
दतिया से मेघ राजपूत की खास रिपोर्ट
