मध्य प्रदेश के बहुमूल्य क्षेत्र डिंडोरी में ननिहालों को झोपड़ी में शिक्षा ग्रहण करने मैं मजबूर है देखा जाए तो डिंडोरी जिले में ऐसे कई स्कूल हैं कि खंडहर में तकदील हो गए हैं और ऐसा भी स्कूल है छत के ऊपर पन्नी लगाकर स्कूल संचालित किया जाता है ऐसा ही मामला है मेंहदवानी के जरहा नैझर मटिया टोला गांव मे घास का झोपड़ी में स्कूल संचालित हो रहा है देखा जाए तो भारत सरकार शिक्षा विभाग को बहुत बड़ा तबज्जू दे रहा है देखा जाए तो स्मार्ट क्लास कंप्यूटर क्लास डिजिटल क्लास की दावा किया जा रहा है मगर यहां पर तो ननिहालों को नसीब ही नहीं है वह तो घास का झोपड़ी मैं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं ननिहालों का नसीब कब खुलेगा देखने को कब मिलेगा इन बच्चों कि खूब नसीब है की ग्राम वासियों द्वारा चंदा एकत्रित किया गया हर घर से₹500 लिया गया है तब जाकर घास का झोपड़ी कच्ची दीवाल का निर्माण किया गया है शासन प्रशासन को कई बार ग्राम वासियों द्वारा अवगत कराया गया है डिजिटल मीडिया प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम द्वारा भी अवगत कराया गया 2023में फिर भी शासन प्रशासन गहरी नींद में है है,,,,,, संवाददाता ,,,,नरेश मरावी,,, डिंडोरी