ब्यूरो चीफ सुन्दरलाल जिला सोलन,
लारेंस स्कूल, सनावर को 4 सितंबर, 2024 को इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में प्राइमरी प्लस फाउंडेशन द्वारा ‘द प्रोग्रेसिव रीडिंग स्कूल अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार स्कूल को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और पुस्तकों के माध्यम से बच्चों की कल्पना को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदान किया गया है।पुस्तक-पाठन के प्रति प्रेम को बढ़ावा देने के लिए, लॉरेंस स्कूल, सनावर ने वर्ष 2023 में सनावर रीडिंग अवार्ड की स्थापना की। माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के छात्रों को स्वर्ण पुरस्कार, रजत पुरस्कार और कांस्य पुरस्कार दिए जाते हैं, जबकि पंचम तथा छठी कक्षा के नन्हे छात्रों को क्रमशः प्रवीणता और उन्नत प्रवीणता के प्रमाण पत्र प्रदान किए जाते हैं। स्कूल के प्रधानाध्यापक श्री हिम्मत सिंह ढिल्लों ने हाल ही में 54 छात्रों को उनके पढ़ने के प्रति प्रेम के लिए सनावर रीडिंग अवार्ड से सम्मानित किया।
इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में पुरस्कार समारोह की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसके बाद एक विशेष नाटक का मंत्रमुग्ध कर देने वाला प्रदर्शन किया गया, जिसका शीर्षक था, “आप किस ग्रह पर हैं?”। इस नाटक के माध्यम से शिक्षण समुदाय को अलग-अलग जरूरतों वाले छात्रों को उनकी विभिन्न जरूरतों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए मुख्यधारा में लाने की जरूरत के बारे में संवेदनशील बनाया गया। पुरस्कार समारोह के दौरान आयोजित पैनल चर्चा में शिक्षाविदों ने कहा कि बच्चों में पढ़ने की आदत डालने में माता-पिता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि माता-पिता अच्छे पाठक हैं, तो बच्चे निश्चित रूप से अच्छे पाठक बनेंगे। चित्रों वाली किताबें बच्चों के प्रारंभिक वर्षों में पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करने का एक अच्छा और आसान उपकरण हैं।
भारत सरकार के माध्यमिक शिक्षा विभाग के सचिव श्री संजय कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई। अपने सारगर्भित भाषण में उन्होंने कहा कि पुस्तकें पढ़ने की आदत की नींव बचपन में ही पड़ जानी चाहिए। इससे हमारे बच्चों का समुचित विकास होगा और वे भविष्य में अच्छे तथा जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे। इस सन्दर्भ में अभिभावकों , स्कूलों , शिक्षकों के साथ-साथ पूरे समाज की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे बच्चों को अच्छी पुस्तकों से अवगत कराएँ और उन्हें पढ़ने हेतु प्रेरित करें। नैशनल बुक ट्रस्ट (एन. बी. टी.) के निदेशक युवराज मलिक ने अपने सम्बोधन में अधिक किताबें पढ़ने की तुलना में अच्छी किताबें पढ़ने पर विशेष बल दिया। इस अवसर पर प्रसिद्ध शिक्षाविद् तथा दिव्यांग और ऑटिस्टिक छात्रों की मदद करने वाली एक गैर-लाभकारी स्वैच्छिक संस्था तमन्ना की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा चोना ने भी सभा को संबोधित किया।
सनावर स्कूल को मिले इस पुरस्कार पर खुशी जताते हुए प्रधानाध्यापक श्री हिम्मत सिंह ढिल्लों ने कहा, “सनावर रीडिंग अवार्ड्स की स्थापना स्कूल के दृष्टिकोण के अनुरूप की गई थी। मुझे खुशी है कि सनावर को ‘प्रगतिशील रीडिंग स्कूल पुरस्कार’ के रूप में मान्यता दी गई है और यह हमारे छात्रों को पढ़ने और उनकी आलोचनात्मक क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।” प्राइमरी प्लस फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक मनबीर सिंह बेदी ने पुरस्कार विजेता स्कूलों को पढ़ने की दुनिया के प्रति उनके समर्पण और दूसरों के लिए रास्ता दिखाने के लिए धन्यवाद दिया।