दीपावली के अवसर पर सहारनपुर शहर जगमग रोशनी में नहाया दिखा, शहरवासियों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया। इस पर्व की तैयारियों में लोग लगभग 15 दिनों से जुटे हुए थे। दीपावली पूजन के बाद एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए शहरवासियों ने बच्चों के साथ मिलकर आतिशबाजी की और उल्लास के साथ दिवाली का त्योहार मनाया।
हालांकि, इस बार कई जगहों पर सुरक्षा के मुद्दे भी सामने आए। अधिकांश अभिभावकों ने अपने छोटे बच्चों को पटाखों से दूर रखा या उनके साथ रहकर पटाखे छुड़वाए, लेकिन कुछ जगहों पर छोटे-छोटे बच्चों को अकेले ही पटाखे जलाते हुए भी देखा गया। इसके अलावा, इस बार लोहे के पाइप से बनी एक नई तरह की पटाखा बंदूक का उपयोग कुछ युवाओं द्वारा किया गया। इस खतरनाक उपकरण में पोटाश भरकर धमाका किया जा रहा था, जो गंभीर हादसों का कारण बन सकता है।
पाइप वाली बंदूक के चलते सड़कों पर तेज धमाके सुने गए, जिसमें युवा एक चम्मच पोटाश भरकर, पीछे से सरिया मारते थे, जिससे तेज आवाज के साथ विस्फोट होता था।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इस प्रकार के खतरनाक पटाखों और उपकरणों की बिक्री पर पुलिस प्रशासन को सख्ती बरतनी चाहिए और युवाओं के अभिभावकों को भी सतर्क रहना चाहिए।
रिपोर्ट रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़