खुशियों की दास्ताँ
पी.एम. आयुष्मान भारत निरामयम् योजना नारायण प्रजापति के लिए बनी वरदान
संवादाता विकाश विश्वकर्मा शहडोल
शासन की राष्ट्रीय बाल्य स्वास्थ्य कार्यक्रम जन्म से 18 वर्ष के बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। बच्चे जो कटे-फटे होंठ,तालू, टेढ़े-मेढ़े पैर हृदय रोग से पीड़ित तथा अन्य जन्मजात विकृतियों से ग्रसित हैं उन्हें इन बिमारियों से निजात दिलाने के लिए जिला स्तर शिविर आयोजित कर बच्चों का परामर्श उपचार तथा इको जॉच आदि शासन द्वारा चिन्हित अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत निरामयम् योजना के अन्तर्गत बनाए गये आयुष्मान कार्ड उन बच्चों के उपचार में मील का पत्थर साबित हो रही है जो परिवार अपने बच्चों का पैसों के अभाव में उपचार नही करा पाते। इसी कड़ी में शहडोल जिले के जनपद पंचायत जयसिंहनगर के ग्राम मसियारी निवासी 15 वर्षीय नारायण प्रजापति पिता स्व. बाबूलाल प्रजापति जो बचपन से हृदय रोग से पीडित था और बच्चें की माता उसका उपचार नही करा पा रही थी। नारायण प्रजापित का जिला स्तरीय शिविर में जयसिंहनगर की आर.बी.एस. के. चिकित्सक डॉ. अनिल पनिका एवं डॉ.एस.आर. साहू द्वारा जिला स्तरीय शिविर मे उसकी इको जाँच कराई गई तथा गैलेक्सी अस्पताल जबलपुर के कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. अखिलेश दुबे द्वारा बच्चे का ऑपरेशन किया गया। नारायण प्रजापित की मॉ श्रीमती उर्मिला प्रजापित ने कहा कि बच्चे का उपचार निःशुल्क किया गया जिससें बच्चा अब पूर्णतः स्वस्थ है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी नही सोचा था कि मेरे बच्चे का निःशुल्क उपचार होगा लेकिन पी.एम. आयुष्मान भारत निरामयम् योजना के तहत मेरे बच्चे का निःशुल्क उपचार हुआ इसके लिए मै प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा जिला प्रशासन का धन्यवाद देती हूं।
गौरतलब है कि कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा के मार्गदर्शन एवं निर्देशन तथा जिला प्रबंधक आर.बी.एस.के. कंचन पटेल के अगुवाई में बिमारियों से निजात दिलाने के लिए जिला स्तर शिविर आयोजित कर बच्चों का परामर्श, उपचार तथा इको जॉच आदि शासन द्वारा चिन्हित अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कराया जा रहा है