Waqf Bill पर बवाल: असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में फाड़ी बिल की कॉपी, किरेन रिजिजू का तंज
नई दिल्ली: संसद में वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल का विरोध करते हुए लोकसभा में इसकी कॉपी फाड़ दी। इस पर केंद्रीय मंत्री किरने रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि “इनके पास दुनिया में सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी है, फिर भी ये रो रहे हैं।”
क्या है वक्फ संशोधन विधेयक 2025? वक्फ बोर्ड से जुड़ा यह नया बिल केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया है, जिसमें वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और कानूनी रूप से मजबूत बनाने के प्रावधान हैं। इस बिल में वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जों को रोकने और उनके बेहतर इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए नए प्रावधान जोड़े गए हैं।
मुख्य प्रावधान: वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण: सभी वक्फ प्रॉपर्टी को एक डिजिटल रिकॉर्ड में रखा जाएगा। अवैध कब्जे हटाने के सख्त नियम: अब कोई भी व्यक्ति या संगठन वक्फ प्रॉपर्टी पर अनधिकृत कब्जा नहीं कर सकेगा। राज्य सरकारों की जवाबदेही: राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वक्फ संपत्तियों का उचित उपयोग हो। धोखाधड़ी रोकने के लिए नई धाराएं: वक्फ संपत्तियों की बेचान या अवैध लीज पर कड़ी पाबंदी।
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असदुद्दीन ओवैसी का विरोध और बिल की कॉपी फाड़ने की घटना जब सरकार ने लोकसभा में Waqf Amendment Bill 2025 पेश किया, तो AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसका जोरदार विरोध किया।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि यह बिल मुसलमानों की धार्मिक संपत्तियों पर सरकार का सीधा नियंत्रण करने की कोशिश है। उन्होंने कहा, “यह बिल मुसलमानों की संपत्तियों को हड़पने की साजिश है, मैं इसका पूरी तरह विरोध करता हूं।” गुस्से में उन्होंने संसद में बिल की कॉपी फाड़ दी और जोरदार नारेबाजी की।
इसके बाद लोकसभा में जोरदार हंगामा हुआ और स्पीकर को कार्यवाही रोकनी पड़ी।
किरेन रिजिजू का पलटवार: “इनके पास सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी है!” ओवैसी के इस विरोध पर केंद्रीय मंत्री किरने रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा:
“दुनिया में सबसे ज्यादा संपत्ति वक्फ बोर्ड के पास है। फिर भी ये लोग विरोध कर रहे हैं।” “सरकार वक्फ संपत्तियों को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना चाहती है, लेकिन ओवैसी जी को इससे परेशानी क्यों हो रही है?”
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उन्होंने यह भी कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखेगी, लेकिन किसी को भी संपत्तियों के गलत इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी जाएगी।
वक्फ संपत्तियों को लेकर विवाद क्यों होता है? भारत में वक्फ संपत्तियों को लेकर अक्सर विवाद होता है क्योंकि: बड़ी संख्या में वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे हैं। कुछ मामलों में भ्रष्टाचार और संपत्तियों की अवैध बिक्री होती रही है। राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों के बीच इस मुद्दे पर हमेशा मतभेद रहते हैं। भारत में करीब 6 लाख एकड़ से ज्यादा वक्फ संपत्ति मौजूद है, जो कई राज्यों में फैली हुई है।
मुस्लिम संगठनों का क्या कहना है? ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने इस बिल का विरोध किया है और इसे मुस्लिमों के धार्मिक अधिकारों के खिलाफ बताया है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने भी कहा कि यह बिल सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करने की कोशिश है। वहीं, कुछ मुस्लिम बुद्धिजीवियों का मानना है कि वक्फ संपत्तियों का सही प्रबंधन मुस्लिम समाज के हित में ही होगा।
बीजेपी और विपक्ष की प्रतिक्रिया भाजपा (BJP): भाजपा नेताओं ने कहा कि यह बिल वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने और पारदर्शी प्रशासन के लिए लाया गया है। भाजपा सांसदों का बयान: “यह बिल मुस्लिम समाज के लिए फायदेमंद है, लेकिन ओवैसी इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं।”
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल: कांग्रेस, सपा और टीएमसी ने ओवैसी के विरोध का समर्थन करते हुए सरकार पर धार्मिक भेदभाव करने का आरोप लगाया। विपक्षी दलों ने कहा कि सरकार को अल्पसंख्यकों की धार्मिक संपत्तियों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
निष्कर्ष: आगे क्या होगा? बिल फिलहाल संसद में बहस के लिए लंबित है। सरकार इसे पास कराने के लिए समर्थन जुटा रही है। ओवैसी और विपक्ष के विरोध के कारण यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह बिल संसद में पास होगा या इसे और संशोधन की जरूरत पड़ेगी।
आपकी क्या राय है? क्या वक्फ संपत्तियों के लिए इस तरह का कानून जरूरी है? कमेंट करके बताएं!