जनपद में 9 जुलाई को 97 लाख पौधों का वृहद वृक्षारोपण महाअभियान
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, जनपद जालौन में आगामी 9 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण महाअभियान चलाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत जिले में कुल 97 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें ‘एक पेड़ माँ के नाम’ की प्रेरणा से नून नदी के किनारों पर हरियाली का एक विशाल घेरा तैयार किया जाएगा। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में वृक्षारोपण महाअभियान की तैयारियों को लेकर गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान वन विभाग, विकास विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष का पौधरोपण लक्ष्य 97 लाख निर्धारित किया गया है, जिसके क्रियान्वयन को निर्वाचन प्रक्रिया की भांति सेक्टर, जोनल और वन बूथ के रूप में संगठित और योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। चिन्हित स्थलों पर गड्ढा खुदाई, फेंसिंग और पौधों की लिफ्टिंग का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने ‘पेड़ लगाना उतना ही जरूरी है, जितना उसे संरक्षित करना’ के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्थान पर फेंसिंग, वृक्ष मित्रों की नियुक्ति और तीन वर्षों तक पौधों की देखभाल के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह महाअभियान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक आह्वान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के अनुरूप जनपद में एक भावनात्मक जुड़ाव और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को समर्पित होगा। इसका लक्ष्य हर नागरिक को अपनी मां के नाम एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करना है। इस संदेश को घर-घर तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है। अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू 9 जुलाई को नून नदी के दोनों किनारों पर स्थित 47 ग्राम पंचायतों में विशाल वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन है। लगभग 14किलोमीटर के पुनरुद्धारित क्षेत्र को सघन हरियाली से आच्छादित किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक नोडल अधिकारी नामित किया गया है, जो इस कार्यक्रम की देखरेख करेगा। वालंटियर्स, जनप्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि इस अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएंगे। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि सभी जीरो पॉवर्टी गांवों में सहजन के पौधे वितरित किए जाएंगे, जो पोषण सुरक्षा में सहायक होंगे। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के लाभार्थियों को दो-दो पौधे वितरित कर उनके घरों के सामने लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह पहल न केवल हरियाली बढ़ाएगी बल्कि सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देगी। जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि यह अभियान सिर्फ पौधरोपण नहीं, बल्कि प्रकृति और आने वाली पीढ़ी के लिए उत्तरदायित्व का प्रतीक है। इसे पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन की राज्यव्यापी मुहिम से जोड़ते हुए एक जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया गया है। सभी जनप्रतिनिधि, विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष और अधिकारीगण इसकी सफलता में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र देव शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, समस्त उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख
उरई-जालौन) उत्तर प्रदेश