‘दीप पर्व महोत्सव’ को लेकर बैठक सम्पन्न हुई
वैकुंठ चतुर्दर्शी पर मनाया जाएगा ‘दीप पर्व महोत्सव’
इक्कावन हजार दीपों से जगमगाएगी ‘मध्यप्रदेश की अयोध्या
‘संघ के शताब्दी संकल्प को समर्पित है ‘दीप पर्व महोत्सव’
नर्मदा तट पर दीपोत्सव मे शानदार आतिशबाजी एवं रंगोली से बनी आकृतियां होगा मुख्य आकर्षण केंद्र
मंडलेश्वर । पंडित मंडन मिश्र की शास्त्रार्थ स्थली के रूप में प्रसिद्ध ‘मध्यप्रदेश की अयोध्या’ मंडलेश्वर में आगामी चार नवंबर वैकुंठ चतुर्दर्शी को नर्मदा जी तट स्थित श्रीराम घाट पर ‘दीप पर्व महोत्सव को लेकर नर्मदा तट स्थित बैठक रखी गई बैठक में समिति के वरिष्ठ सदस्य भूपेंद्र चौहान ने आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में सभी सदस्यों को जानकारी दी सभी सदस्यों को अलग कार्यभार की जवाबदारी सौंपी गई चौहान ने मीडिया को जानकारी देते है बताया कि इस वर्ष माँ नर्मदा के पावन उत्तर तट पर होने वाला पाँचवां वर्ष है ये दीप पर्व महोत्सव’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूरे होने के संकल्प को समर्पित होगा।राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने हाल ही में अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूरे किए हैं और इस शताब्दी वर्ष में राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरण के संकल्प लिए हैं। मंडलेश्वर का यह दीपोत्सव इसी राष्ट्र चेतना के पुनर्जागरण और सामाजिक संगठन के भाव को समर्पित होगा, जिसमें हजारों लोग एकजुट होकर आस्था का यह महादान करेंगे। यह महोत्सव शहर की आध्यात्मिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का एक सफल प्रयास है। समिति के सदस्य सचिन पाटीदार ने बताया मंगलवार वैकुंठ चतुर्दर्शी चार नवंबर को शाम छै बजे से हजारों श्रद्धालु एक साथ इक्कावन हजार दीपक प्रज्वलित कर माँ नर्मदा की धारा में समर्पित करेंगे। यह स्वर्णिम दृश्य तट को दिव्य आभा से भरकर एक अलौकिक वातावरण का निर्माण करेगा।महोत्सव को यादगार बनाने के लिए दस आकर्षक सांस्कृतिक मंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो स्थानीय कला, संस्कृति और भक्तिभाव का अद्भुत प्रदर्शन करेंगे। पूरा आयोजन स्थल और नर्मदा जी का उत्तर तट भगवामय बनाया जाएगा। नगर के प्रमुख स्थल, चौक-चौराहे और नर्मदा किनारे के मंदिर रंगोली, मनोहारी फूल और विशेष विद्युत सज्जा से सुसज्जित किए जाएंगे। दीपोत्सव का समापन आसमान को रोशन करने वाली एक भव्य और मनमोहक आतिशबाज़ी के साथ होगा, जो महोत्सव को एक शानदार अंत प्रदान करेगी। धर्म लाभ के साथ ही भक्तों के लिए पांच क्विंटल पोहा प्रसादी का वितरण भी किया जाएगा।दीप उत्सव समिति मंडलेश्वर ने सभी से सपरिवार इस पंचम वर्ष के दीपोत्सव में शामिल होकर माँ नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। यह आयोजन इतिहास, आस्था और राष्ट्रीय संकल्प का एक अद्भुत संगम होगा।