जालोर दुर्ग पर सड़क निर्माण:-
देर आए दुरुस्त आए —-
खुशी है कि सरकार ने सरकार की गलती को सुधारने का ढोंग रच कर एक स्वीकृति पत्र जारी कर श्रेय लेने का तरीक़ा ढूंढने का असफल प्रयास किया है।
जनता सब जानती है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान विधानसभा में 27 करोड़ की लागत से जालोर क़िले की सड़क निर्माण की घोषणा कर स्वीकृति जारी की थी।स्थानीय वन विभाग के प्रस्ताव अनुसार वन एव पर्यावरण विभाग ने स्वीकृति दी। तत्पश्चात वित्तीय स्वीकृति जारी होकर निविदा आमंत्रित कर कार्य आदेश जारी कर दिए गए हैं।मुख्यमंत्री अशोक गहलोतजी ने दिनांक 3 जून 2023 को शिलान्यास किया। तत्पश्चात् भैरूनाथ अखाड़े के महंत गंगानाथ जी महाराज के हाथों कार्य शुरू किया गया।इस अवसर पर जिला कलेक्टर ,वन विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।तब कोई तकनीकी ख़ामी नज़र नहीं आयी ।
सरकार बदल गई,भाजपा की सरकार बनते ही उनकी आंख में ये एतिहासिक विकास कार्य खटकने लगा,तो उसी वन विभाग के अधिकारी से इसमें रोड़ा अटकाने का नाटक करवाया गया।और काम रुकवा दिया गया,जिसकी उपस्थिति एवं प्रस्ताव से ये सड़क स्वीकृत हुई,दो साल काम रुका रहा है शायद सड़क निर्माण की लागत भी बढ़ गई होगी। जैसे ही भाजपा सरकार आने के बाद जालोर के मेडीकल कॉलेज को भी सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भी रोक दिया गया । यहां तक कि शिलान्यास पट्टिकाओं को भी तोड़ दिया गया है।
देर आए दुरुस्त आए,अब भी हम धन्यवाद देते हैं की तथाकथित स्वीकृति वन विभाग से जारी हो गई है अब तो जल्दी से जल्दी सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो ताकि जालोर के ऐतिहासिक दुर्ग पर पर्यटकों का आवागमन बढ़ सके।साथ ही जालोर मेडिकल कॉलेज को भी शुरू करने की दिशा में कार्य शुरू हो।
पुखराज पाराशर,पूर्व अध्यक्ष,राज्य स्तरीय जन अभियोग निराकरण समिति
@highlight Indian National Congress – Rajasthan Laxman Singh INC DIPR, Department of Information & Public Relations, Rajasthan Pukh Raj Parashar