मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित हुए एसएसपी बरेली
बरेली। एसएसपी अनुराग आर्य को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया है। उनके बेहतर कार्यों को लेकर सीएम ने शाबासी दी।
एसएसपी ने बरेली के अपने कार्यकाल में न सिर्फ साइको किलर की गुत्थी को सुलझाया, बल्कि उपद्रवी मौलाना तौकीर रजा और उसके साथियों को जेल भेजा। डकैत शैतान और दिशा पाटनी के घर फायरिंग करने वालों को भी ढेर किया। पिछले डेढ़ वर्ष में एसएसपी के कार्यकाल में 100 से अधिक हाफ एनकाउंटर भी हुए हैं। इसके अलावा अपराध पर भी अंकुश लगा है। एसएसपी के कार्यकाल में ही वर्षों से चला आ रहा जोगी नवादा विवाद भी इस सावन में सौहार्द की मिशाल पेश कर गया, जहां श्रावण और मुहर्रम में मारपीट होती थी वहां पुष्प वर्षा की गई।
एसएसपी अनुराग आर्य ने जब जिले की कमान संभाली तो उनके सामने शाही और शीशगढ़ क्षेत्र में लगातार हो रही हत्याएं एक बड़ी चुनौती थी। उन्होंने इस केस को अपने तरीके से साल्व करना शुरू किया तो कहानी सीरियल तक पहुंची। एक वर्ष में 11 महिलाओं की निर्मम हत्या हो चुकी थी। इससे पहले कई आइपीएस अधिकारी भी इस गुत्थी को सुलझाने में नाकाम रहे थे, जब अनुराग आर्य ने कमान संभाली तो नवाबगंज निवासी कुलदीप गंगवार को गिरफ्तार किया और सीरियल किलिंग की कहानी से पर्दा हटा। उसे जेल भेजने के बाद वहां हत्याएं होना बंद हो गईं। इसी तरह से 26 सितंबर को हुए उपद्रव के मामले में भी एसएसपी ने स्वयं मोर्चा संभाला और श्यामगंज में लाठी चार्ज किया। इसके बाद मौलाना और उसके करीबियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की और मौलाना समेत 92 उपद्रवियों को जेल भेजा गया। एसएसपी के इस काम की तारीफ स्वयं मुख्यमंत्री भी करते हैं। वह अपने कई बयानों में कह चुके हैं कि कार्रवाई क्या होती है बरेली से पूछिए…। इसके अलावा एसएसपी ने जिले में माफिया, हिस्ट्रीशीटर, गिरोह पंजीकरण जैसी भी कई कार्रवाई की हैं।
एसएसपी अनुराग आर्य का परिचय
वर्ष 2013 बैच के आइपीएस अधिकारी अनुराग आर्य मूल रूप से वागपत जिले के निवासी हैं। 25 जून, 2024 में उन्होंने बरेली में बतौर एसएसपी कार्यभार ग्रहण किया। इससे पहले वह वाराणसी, कानपुर, अमेठी, बलरामपुर, मऊ, प्रतापगढ़, आजमगढ़ में रह चुके हैं।
प्रवन पाण्डेय
ITN National
जिला संवाददाता बरेली