बांदा: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के वर्तमान कानून में किए गए संशोधनों के विरोध में आज बांदा जनपद की सड़कों पर युवाओं और छात्रों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। “एकतरफा कानून वापस लो” के नारों के साथ सैकड़ों की संख्या में छात्र और सवर्ण समाज के वरिष्ठ नागरिक जीआईसी (GIC) मैदान में एकत्रित हुए, जहाँ से विरोध प्रदर्शन की शुरुआत हुई।
पैदल मार्च और शक्ति प्रदर्शन: आंदोलनकारियों ने जीआईसी मैदान से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय (DM Office) तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान युवाओं में भारी आक्रोश देखा गया, किंतु पूरे प्रदर्शन के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखी गई। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि यूजीसी द्वारा लाए गए नए नियम न्यायसंगत नहीं हैं और इससे समाज के एक बड़े वर्ग के हितों को प्रभावित किया जा रहा है।
डीएम को सौंपा ज्ञापन: कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचने के पश्चात, सवर्ण समाज के वरिष्ठ जन और छात्र नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी महोदय से भेंट की। उन्होंने कानूनी और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि वर्तमान यूजीसी कानून में जो बदलाव किए गए हैं, वे पक्षपाती प्रतीत होते हैं।
प्रदर्शन में शामिल वरिष्ठ जनों ने संबोधित करते हुए कहा, “हम विकास और शिक्षा के विरोधी नहीं हैं, लेकिन कानून ऐसा होना चाहिए जो सर्वसमाज के लिए समान हो। एकतरफा कानून न केवल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह सामाजिक समरसता को भी प्रभावित करता है। प्रदर्शन को देखते हुए शहर के मुख्य चौराहों और कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। फिलहाल, प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर इसे संबंधित मंत्रालय और केंद्र सरकार तक पहुँचाने का आश्वासन दिया है।
ब्यूरो चीफ ताहिर अली बांदा से