राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के जरिए अवैध कमाई और उसे ठिकाने लगाने के लिए फर्जी बैंक खातों के इस्तेमाल का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि एक बैंक खाते में प्रारंभिक जांच के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन हुआ है। पुलिस बैंक स्टेटमेंट और बिलों की गहन जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रकम का उपयोग व्यापार के लिए किया गया या किसी अवैध गतिविधि में।
पुलिस के अनुसार यह भी जांच की जा रही है कि कहीं फर्जी खातों में पैसा डालकर उसे एक ही नंबर में समेकित करने का खेल तो नहीं किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि योगेश नामक व्यक्ति नई बस्ती क्षेत्र में साड़ी की दुकान चलाता है और पैसों के लालच में यह पूरा खेल संचालित कर रहा था।
ऑनलाइन सट्टे से जुड़ा है पूरा नेटवर्क
माधवनगर पुलिस ने बताया कि यह पूरा मामला ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिसमें टी-20 विश्वकप सहित अन्य मैचों और खेल गतिविधियों पर सट्टा लगाया जा रहा था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किन लोगों ने पैसा लगाया और किन-किन खातों में यह रकम ट्रांसफर की गई।
बताया गया कि माधवनगर थाना क्षेत्र में इस तरह के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जहां लोगों के नाम से फर्जी तरीके से खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया।
दोस्त का खाता खुलवाकर किया गया लेन-देन
रबर फैक्ट्री रोड निवासी अभिषेक तोमर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसके दोस्त योगेश सिंह ठाकुर ने इलाहाबाद बैंक की एनकेजे शाखा में उसका खाता खुलवाया। खाते को ऑपरेट करने के एवज में 10 से 15 हजार रुपये कमीशन देने की बात कही गई। खाता खुलने के बाद योगेश ने पासबुक, एटीएम और खाते से लिंक मोबाइल नंबर अपने पास रख लिया।
कुछ दिनों बाद बैंक से जानकारी मिली कि खाते में लाखों रुपये का लेन-देन हो रहा है। अभिषेक तोमर ने बताया कि तीन दिनों में ही 6 लाख 35 हजार रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाया गया।
किराये के खातों से चलता था सट्टे का कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा अलग-अलग लोगों के दस्तावेज लेकर बैंक खाते खुलवाए जाते थे और इन खातों का उपयोग काली कमाई को सफेद करने व ऑनलाइन सट्टे के लेन-देन में किया जाता था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यह गिरोह छत्तीसगढ़ के कई शहरों से ऑपरेट किया जा रहा था।
गिरफ्तारी और तलाश जारी
पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। पूछताछ के बाद हर्ष नागवानी और अनीज उर्फ सेम चंदनानी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि रजनी यादव की तलाश जारी है। आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे कमीशन के लालच में अलग-अलग लोगों के खाते खुलवाकर सट्टा नेटवर्क को उपलब्ध कराते थे।
पुलिस का बयान
इस मामले में एसपी अभिनव विश्वकर्मा ने बताया कि पूछताछ और विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों की जांच की जा रही है। अब तक मिले सुरागों के आधार पर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और शेष की तलाश जारी है। पुलिस का प्रयास है कि इस पूरे नेटवर्क को तोड़कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।