कैंथल, पुष्पा रानी
गांव खेड़ी गुलाम अली से किशने वाली कुई तक की सड़क की हालत ऐसी हो चुकी है कि दो किलोमीटर का सफर एक घंटे ओर डर के साय में वाहन चालकों को करना पड़ रहा है। एक ओर इस रोड से दुर्घटना का डर दूसरी ओर समय ओर ऑयल की मार वाहन चालकों को सहनी पड़ रही है।
गौरतलब है कि ये रोड मार्किट कमेटी द्वारा गत वर्षों बनाया गया था। इस रोड के बनने से खेड़ी गुलाम अली,गोहरा,अटेला, फर्शमाजरा,
मांझला,नागल,लैंडर कीमा,चक्कू लदाना गांव के वाशिंदो ने राहत की सांस ली थी।
लेकिन सड़क की जर्जर व्यवस्था बयान करती है कि सड़क का निर्माण मैटीरियल की गुणवता में कमी होने के चलते सड़क की रिपेयर बार बार करनी पड़ रही है।
वाहन चालकों का कहना है कि इस रोड पर सफर करना जोखिम भरा है। इस रोड कि स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना चुनौती बन गया है।
गौरतलब है कि खेड़ी गुलाम अली से किशने वाली कुई तक जाने वाला रोड इस रोड से डेरा गोविंदपुरा, सीवन,कैथल के राहगीर ओर वाहन चालक प्रतिदिन हजारों की संख्या में अपने शॉर्टकट रोड की वजह से यह रोड अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अपनाते है।
जगह-जगह गहरे गड्ढे,गड्ढों से निकले ओर बिखरे पत्थर,वाहनों से उड़ने वाली धूल मिट्टी वाहन चालकों की जान ओर मॉल को खतरे में डाल रही है ।
दो पहिया वाहन चालकों के लिए तो यह रास्ता सबसे खतरनाक साबित हो रहा है। उनकी जरा सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। इस सड़क का इस्तेमाल प्रतिदिन दर्जनों सरकारी व प्राइवेट कर्मचारीयो के साथ हज़ारों ग्रामीण अपने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए करते है। हजारों स्थानीय लोग और राहगीर भी इसी रास्ते पर निर्भर है। इसके बावजूद सड़क की हालत में कोई सुधार मार्किट कमेटी नहीं कर पा रही। इस से दर्जन भर गांव के किसानों ओर प्रतिदिन अपने कामों में जाने वाले लोगों में भारी रोष है। खेड़ी गुलाम अली के स्थानीय वाशिंदे मुकेश,पवन,राजेंद्र,अजय मट्टू,महेंद्र रोशन लाल,जीतराम का कहना कि इस रास्ते पर सफर करना हमारी मजबूरी बन चुका है वाहन चालकों का कहना है कि सड़क जर्जरता के कारण गाड़ियों भी खराब हो रही है। जहां हर महीने गाड़ियों की मरम्मत का खर्च बढ़ रहा वही हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
गांव के मौजीज लोगों ने कहा कि अगर सड़क का निर्माण जल्द नहीं हुआ तो सीएम को मिलकर समस्या का हल करवाएंगे।