आंवला।
आंवला स्थित उप जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय में एक अधिवक्ता का फर्जी वकालतनामा लगाए जाने का मामला सामने आया है। अधिवक्ता ने शपथ पत्र देकर इस वकालतनामे को धोखाधड़ी से लगाया गया बताया है और इसे निरस्त करने की मांग की है।
अधिवक्ता हरिजेन्द्र सिंह यादव ने शनिवार को सुबह 11 बजे बताया कि उनके नाम से जो वकालतनामा प्रस्तुत किया गया है, वह किसी अन्य अधिवक्ता द्वारा लगाया गया है और पूरी तरह मनगढ़ंत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने ग्राम नूरपुर निवासी देव कुमार सिंह, सुबोध कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह और राजीव कुमार सिंह के पक्ष में कोई वकालतनामा नहीं लगाया है। न ही ये लोग उनसे कभी मिले हैं और न ही वह इन्हें जानते हैं।
यादव ने सवाल उठाया कि उनकी जानकारी के बिना पत्रावली में उनके फर्जी हस्ताक्षर कैसे हो गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह वकालतनामा उनके हाथ से नहीं लिखा गया है, और इसमें लगे हस्ताक्षर तथा आईडी भी उनके मूल दस्तावेजों से मेल नहीं खाते हैं। उन्होंने न्यायालय से इस फर्जी वकालतनामे को तत्काल निरस्त करने का अनुरोध किया है।
इसी बीच, न्यायालय परिसर में गरिमा के उल्लंघन का एक और मामला भी सामने आया है। आरोप है कि पुलिसकर्मी और निजी कर्मचारी उप जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय में सीधे डायस के पास कुर्सी डालकर बिना कैप और सलामी के बैठ जाते हैं। अधिवक्ताओं ने पहले भी इस तरह के व्यवहार को लेकर कई बार शिकायतें की हैं, जो न्यायालय की मर्यादा का अनादर करता है।
प्रवीन कुमार सक्सेना तहसील रिपोर्टर आंवला जिला बरेली उत्तर प्रदेश