कैमोर। क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पनिहाई धाम मंदिर परिसर की स्थिति आज भी बदहाल बनी हुई है। मंदिर परिसर में पूर्व में लाखों रुपये के विकास कार्य कराए जाने के बावजूद श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विकास कार्यों में खर्च की गई राशि का अपेक्षित लाभ धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है।
जानकारी के अनुसार विधायक संजय सतेंद्र पाठक की अनुशंसा पर पनिहाई धाम को धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कई बार लाखों रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इसके बावजूद मंदिर परिसर की वर्तमान स्थिति प्रशासनिक उदासीनता और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही है।
मंदिर के पिछले प्रवेश द्वार पर बनी सीढ़ियों की हालत काफी खराब हो चुकी है। बरसात के मौसम में सीढ़ियों पर अत्यधिक फिसलन होने से श्रद्धालुओं के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य नहीं किए गए तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मंदिर परिसर का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त सीढ़ियों की मरम्मत, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि धार्मिक आस्था के इस प्रमुख केंद्र पर विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी की जानी चाहिए, ताकि स्वीकृत राशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।
अब देखना होगा कि प्रशासन एवं संबंधित विभाग इस ओर कब तक ध्यान देते हैं और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
इंडियन टीवी न्यूज़ कैमोर से श्याम गुप्ता की रिपोर्ट