✍️ इंडियन टीवी न्यूज नेशनल छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
दो शावकों के साथ घूम रही थी बाघिन, घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल नहीं जाने की दी सख्त हिदायत
मुंगेली। अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के प्रतिबंधित वन क्षेत्र में प्रवेश करना एक युवक को भारी पड़ गया। दो शावकों के साथ घूम रही बाघिन ने युवक पर हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव बरामद किया। बाघिन के घटनास्थल के आसपास मौजूद होने के कारण क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पिहरी निकालने जंगल गए थे युवक
जानकारी के अनुसार, 24 अगस्त को ग्राम बांधा निवासी धर्मजीत धृतलहरे (23) अपने साथियों भानु प्रताप, शिवशंकर ध्रुव, दशरथ धृतलहरे और रामफल धृतलहरे के साथ जंगल में पिहरी (मशरूम) निकालने गया था। सभी युवक जोगीपुर परिसर के पाड़ाडोंगरी के पास पहुंचे थे, तभी दो शावकों के साथ मौजूद बाघिन ने उन पर हमला कर दिया।
इस दौरान धर्मजीत बाघिन की चपेट में आ गया। बाघिन ने युवक पर हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। साथियों ने उसे बचाने और जंगल से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
घटनास्थल के आसपास मौजूद है बाघिन
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
ATR के एसडीओ समीर जोनाथन के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर बाघिन के हमले से युवक की मौत की पुष्टि हुई है। मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। उच्च अधिकारी भी मौके का निरीक्षण करेंगे।
उन्होंने बताया कि बाघिन अभी भी अपने शावकों के साथ घटनास्थल के आसपास मौजूद है। ऐसे में आसपास के ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने की कड़ी समझाइश दी गई है।
मानसून में प्रतिबंधित रहता है कोर क्षेत्र में प्रवेश
वन विभाग के अनुसार, 15 जून से 31 अक्टूबर तक मानसून अवधि में टाइगर रिजर्व के कोर एवं प्रतिबंधित वन क्षेत्रों में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है। स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (STPF) और पैदल गार्ड लगातार ग्रामीणों को जंगल में नहीं जाने की समझाइश देते हैं।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करें। खासकर शावकों के साथ मौजूद बाघिन बेहद आक्रामक हो सकती है, इसलिए जंगल में वन्यजीवों से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
ATR में पहले भी सामने आते रहे हैं मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले
अचानकमार टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। अलग-अलग वर्षों में बाघ, तेंदुए, भालू और जंगली हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों की जान-माल और फसलों को नुकसान की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
हालिया घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और प्रतिबंधित जंगल क्षेत्रों में प्रवेश कितना जोखिम भरा हो सकता है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि प्रशासन और वन विभाग की गाइडलाइन का पालन करें तथा मानसून अवधि में प्रतिबंधित जंगल क्षेत्रों में जाने से पूरी तरह बचें।