ब्यूरो चीफ सुंदरलाल जिला सोलन हिमाचल प्रदेश
कसौली उपमंडल की जंगेशु पंचायत में भारी वर्षा से फसलों और कृषि भूमि को हुए नुकसान के बाद प्रभावित किसानों ने सरकार से उचित मुआवजा एवं आर्थिक सहायता देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचने के कारण उन्हें आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है। ऐसे में नुकसान का सही आकलन कर जल्द राहत प्रदान की जाए, ताकि किसान अगली फसल की तैयारी कर सकें।
मंगलवार को कृषि विभाग की टीम ने जंगेशु पंचायत के गांव टिपरा, चाहा, तीडो और मसूलखाना का दौरा कर बारिश से हुए नुकसान का मौके पर निरीक्षण किया। टीम में एसएमएस कृषि अधिकारी इशान मेहता, कृषि विकास अधिकारी परवीन शर्मा और तकनीकी प्रबंधक गौरव ठाकुर शामिल रहे।
अधिकारियों ने प्रभावित किसानों के खेत-खलिहानों में पहुंचकर फसलों तथा कृषि भूमि की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान किसानों ने अधिकारियों के समक्ष बारिश से हुए नुकसान की जानकारी रखी और अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण फसलों के प्रभावित होने के साथ कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचा है।
किसानों ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में खेती करना पहले ही चुनौतीपूर्ण है। बीज, खाद और अन्य कृषि कार्यों पर राशि खर्च करने के बाद प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर किसान को दोहरी आर्थिक मार झेलनी पड़ती है। इसलिए प्रभावित किसानों को समय पर सहायता मिलना जरूरी है।
कृषि विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों पर खेतों का निरीक्षण कर नुकसान से संबंधित जानकारी जुटाई। किसानों ने मांग उठाई कि विभाग नुकसान की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट जल्द तैयार करे और प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते आर्थिक सहायता मिलती है तो उन्हें दोबारा खेती संभालने और आगामी फसल की तैयारी करने में सहारा मिलेगा। कृषि विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने के बाद अब प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।