पिछोर राघवेन्द्र सिंह इंडियन रिपोर्ट
खनियाधाना पिछोर (शिवपुरी)
बेखौफ अपराधियों के बुलंद हौसलों और पुलिस प्रशासन की लचर व्यवस्था की पोल खोलती एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बुधवार को खनियाधाना के मुख्य बाजार में दिनदहाड़े बदमाशों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए नगर परिषद अध्यक्ष के पति सतेंद्र साहू पर जानलेवा हमला कर दिया। बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाके में हुई इस फायरिंग की घटना से पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई।
घर से दुकान जाते समय बदमाशों ने किया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर परिषद अध्यक्ष के पति सतेंद्र साहू बुधवार को अपने घर से दुकान की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे बस स्टैंड के पास पहुंचे, घात लगाए बैठे हथियारबंद बदमाशों ने उन पर सीधे फायर झोंक दिया। अचानक हुई गोलीबारी से आसपास के व्यापारी और राहगीर सहम गए।
भीड़ की हिम्मत: दौड़ाकर दो बदमाशों को दबोचा, जमकर धुनाई
गोली चलाने के बाद आरोपी मौके से भागने लगे, लेकिन मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। भीड़ ने भाग रहे बदमाशों का पीछा कर दो आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी। हालांकि, इस दौरान उनके 3 अन्य साथी मौका पाकर फरार होने में कामयाब रहे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और भीड़ के चंगुल से दोनों घायल आरोपियों को छुड़ाकर हिरासत में लिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो, कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
वारदात के तुरंत बाद के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में बस स्टैंड पर मची अफरा-तफरी, जमा भीड़ और पकड़े गए आरोपियों की तस्वीरें साफ देखी जा सकती हैं। इन वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों में भारी रोष है और लोग खुलेआम पुलिस की कार्यशैली तथा क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
*पुलिस चौकी के सामने वारदात: पुलिस के ‘इकबाल’ पर उठे सवाल*
घटना के बाद से ही स्थानीय व्यापारियों और आम जनता में गहरा असंतोष है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है; खनियाधाना में पिछले कुछ समय से लगातार फायरिंग और आपराधिक गतिविधियों के कारण डर का माहौल बना हुआ है।
सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि बस स्टैंड पर पुलिस चौकी ठीक सामने होने के बावजूद बदमाश दिनदहाड़े गोली चलाने की हिम्मत कैसे कर सके?
अकर्मण्यता का आरोप: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बस स्टैंड चौकी पर नियमित पुलिस बल तैनात ही नहीं रहता, जिसके कारण अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है।
पूर्व कार्रवाई का अभाव: नागरिकों ने यह भी सवाल उठाया कि जब इलाके में सक्रिय अपराधियों की जानकारी पुलिस को होती है, तो समय रहते उन पर कड़ा प्रतिबंधात्मक कदम क्यों नहीं उठाया जाता? क्या पुलिस किसी बड़े हादसे का इंतजार करती रहती है?
अब पुलिस की साख की परीक्षा
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद अब पूरी गेंद पुलिस प्रशासन के पाले में है। जनमानस में उठ रहे मुख्य सवाल:
दिनदहाड़े गोली चलाने के पीछे की असली वजह क्या है—पुरानी रंजिश या कोई संगठित आपराधिक गैंग?
हमले में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार कहां से आए?
मौके से फरार हुए 3 अन्य आरोपी कहां छिपे हैं और उन्हें कब तक गिरफ्तार किया जाएगा?
एसपी शिवपुरी से कड़े कदम उठाने की मांग
क्षेत्र के लोगों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) शिवपुरी से मांग की है कि वे इस मामले में खुद संज्ञान लें। जनता की मांग है कि खनियाधाना-पिछोर क्षेत्र में पुलिस गश्त तुरंत बढ़ाई जाए, बस स्टैंड पुलिस चौकी को 24 घंटे सक्रिय किया जाए और इलाके में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।
आज जनता का सवाल सिर्फ यह नहीं है कि गोली किसने चलाई, बल्कि सवाल यह भी है कि अपराधियों के दिल में पुलिस का डर खत्म क्यों हो गया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले को सिर्फ दो आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित रखती है या उस पूरे आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करती है जिसके दम पर ये हौसले बुलंद हुए हैं।