नगरी।
नगरी उप डाकघर की बदहाल व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों और खाताधारकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लंबे समय से पुरानी और जर्जर इमारत में संचालित हो रहे उप डाकघर में मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि बारिश के दिनों में डाकघर की छत से पानी टपकने की समस्या सामने आती है। इसके कारण कार्यालय में रखे जरूरी दस्तावेजों, अभिलेखों और अन्य सामग्री के खराब होने का खतरा बना रहता है। वहीं, भवन की स्थिति को लेकर कर्मचारियों के साथ-साथ यहां आने वाले नागरिकों में भी चिंता बनी हुई है।
डाकघर में बिजली कटौती की स्थिति में भी कामकाज प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। जनरेटर या इनवर्टर जैसी पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण बिजली गुल होने पर ऑनलाइन एवं कंप्यूटर से संबंधित कार्यों में बाधा आती है। इसका सीधा असर डाकघर में अपने जरूरी काम कराने पहुंचने वाले खाताधारकों पर पड़ता है।
नगरी उप डाकघर में पेंशन संबंधी कार्यों के लिए बड़ी संख्या में बुजुर्ग पहुंचते हैं। इसके अलावा किसान और ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी बचत खाता, डाक भेजने-प्राप्त करने सहित विभिन्न सेवाओं के लिए डाकघर पर निर्भर हैं। बिजली व्यवस्था बाधित होने पर इन लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और कई बार बिना काम कराए वापस लौटने की स्थिति भी बनती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि डाकघर आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवा केंद्र है। ऐसे में भवन की स्थिति में सुधार और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। नागरिकों ने संबंधित विभाग से डाकघर भवन का निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कराने तथा बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
इसके साथ ही बिजली कटौती के दौरान डाकघर की सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए इनवर्टर, बैटरी या जनरेटर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। नागरिकों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगा, जिससे कर्मचारियों और खाताधारकों को राहत मिल सके।
संवाददाता विवेक कन्नौजे
धमतरी ( छत्तीसगढ़)