रितेश कुमार ब्यूरो चीफ बालोद छत्तीसगढ़
बालोद।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में इलेक्ट्रिक स्कूटी और इलेक्ट्रॉनिक सामान की डीलरशिप देने तथा 100 प्रतिशत कैशबैक का झांसा देकर 31 लाख 80 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में सनौद पुलिस ने फरार आरोपी को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी नंदकिशोर साहू रायपुर स्थित CBK EV Motors प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का CEO है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम भानपुरी निवासी मनीष कुमार साहू ने 5 मई 2026 को थाना सनौद में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपनी के CEO नंदकिशोर साहू, MD लोकेश द्विवेदी और CMD पुरुषोत्तम साहू ने इलेक्ट्रिक स्कूटी, स्कूल वैन, लोडर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान की डीलरशिप देने पर 100 प्रतिशत कैशबैक का भरोसा दिलाया था। शिकायतकर्ता ने कंपनी के बताए बैंक खातों में 30 मई 2024 से अलग-अलग किश्तों में कुल 31 लाख 80 हजार रुपये जमा किए थे।
शिकायतकर्ता ने डीलरशिप के लिए ग्राम सनौद में किराये पर दुकान भी ली थी। पुलिस के मुताबिक, कंपनी ने शुरुआत में 11 इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराए, लेकिन गुणवत्ता ठीक नहीं होने की शिकायत पर सभी वाहन वापस ले लिए गए। नए वाहन देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन शिकायतकर्ता को दोबारा वाहन नहीं मिले। रकम वापस मांगने पर 1 लाख 45 हजार रुपये लौटाए गए, जबकि शेष राशि के लिए दिए गए तीन चेक बैंक में अनादरित हो गए।
मामले में थाना सनौद में अपराध क्रमांक 40/2026 के तहत धारा 420 और 34 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस इससे पहले कंपनी के MD लोकेश द्विवेदी, निवासी कटघोरा, जिला कोरबा और CMD पुरुषोत्तम साहू, निवासी सारंगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को 19 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। तीसरा आरोपी CEO नंदकिशोर साहू फरार था, जिसकी लगातार तलाश की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, नंदकिशोर साहू, निवासी ग्राम रोहांसी, तहसील एवं थाना पलारी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा को ग्रेटर नोएडा से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपी की निशानदेही पर कंपनी कार्यालय में इस्तेमाल किए गए CCTV कैमरे, एयर कंडीशनर, टेबल, कुर्सियां, अलमारी, टीवी और तीन इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद की गईं। 10 अक्टूबर को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना के मार्गदर्शन और SDOP गुरुर माया शर्मा के पर्यवेक्षण में कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक सोनसिंह सोरी, सहायक उपनिरीक्षक नंदकुमार साहू, आरक्षक दमन वर्मा, गौकरण यादव और टिकेन्द्र कुमार सोरी के साथ साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक भुनेश्वर मरकाम तथा आरक्षक गुलजारी साहू और मिथलेश यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने टीम के योगदान को सराहनीय बताया है। मामले में आगे की जांच जारी है।