
कन्या पूजन के अवसर पर श्रद्धालुओं ने छोटी-छोटी कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनके पैर धोए, तिलक लगाया और विधि-विधान से पूजा की। इसके बाद कन्याओं को हलवा, चना, पूड़ी सहित विभिन्न पकवानों का प्रसाद ग्रहण कराया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं को दक्षिणा और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया।
सकीट के विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। घरों में भी लोगों ने परिवार के साथ मिलकर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर मां दुर्गा की आराधना की।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कन्या पूजन को नवरात्र का महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।
