खैरगढ़ में सरकारी जमीन पर कथित कब्जे का मामला गरमाया, कार्रवाई की मांग तेज
20 बीघा ऊसर भूमि और सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण के आरोप, जनसंघ सेवक मंच युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
खैरगढ़ (फिरोजाबाद)। खैरगढ़ में सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे और सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण का मामला गरमा गया है। जनसंघ सेवक मंच युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर लोकेंद्र सिंह चौहान ने श्री गुलजारी लाल मनीराम इंटर कॉलेज के प्रबंधक अजय कुमार गुप्ता के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने के साथ ही कॉलेज से संबंधित शिकायतों की जांच कराने की मांग भी उठाई गई है।
कुंवर लोकेंद्र सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत खैरगढ़ की गाटा संख्या 246 में दर्ज लगभग 20 बीघा ऊसर भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला गंभीर है। इसके अलावा गाटा संख्या 216 और 214 में सार्वजनिक रास्ते पर कथित अतिक्रमण किए जाने की शिकायत भी सामने रखी गई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से राजस्व अभिलेखों की जांच कराकर भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और सरकारी संपत्ति को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की।
कॉलेज से जुड़ी शिकायतों की भी जांच की मांग
मामले को लेकर उन्होंने श्री गुलजारी लाल मनीराम इंटर कॉलेज को जारी नोटिस में उल्लिखित कथित अनियमितताओं, वित्तीय मामलों और शिक्षकों से संबंधित शिकायतों की भी स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग उठाई। उनका कहना है कि सभी शिकायतों की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए, ताकि तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जा सके।
सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं : चौहान
कुंवर लोकेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकारी जमीन सार्वजनिक संपत्ति है और इसका संरक्षण प्रशासन की जिम्मेदारी है। सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण से आम लोगों को परेशानी हो सकती है, इसलिए ऐसे मामलों में संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराने, राजस्व अभिलेखों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने तथा आरोप प्रमाणित होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और जनहित सुनिश्चित करना है। अब निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभागों पर टिकी हैं कि इन शिकायतों की जांच कब शुरू होती है और सरकारी भूमि एवं सार्वजनिक रास्ते को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है।

