*बिहार मोतीहारी से अमरजीत सिंह*
: गुरु- छात्रा को लेकर फरार नेपाल ले जा रहा शिक्षक SSB के हत्थे चढ़ा
मोतिहारी में : गुरु छात्रा के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है।
मोतिहारी में गुरु-शिष्या के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। बच्चों का भविष्य संवारने और उन्हें सही राह दिखाने की जिम्मेदारी उठाने वाले एक शिक्षक पर अपनी ही नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर नेपाल ले जाने और मानव तस्करी की आशंका से जुड़ा गंभीर आरोप लगा है। नेपाल बॉर्डर पर एसएसबी की सतर्कता से आरोपी शिक्षक पकड़ा गया। घटना की जानकारी सामने आते ही शिक्षा विभाग से लेकर पुलिस महकमे तक हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा प्रशासन ने आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
नेपाल बॉर्डर पर SSB ने पकड़ा, पूछताछ में खुला मामला मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी शिक्षक की पहचान कासिम आलम के रूप में हुई है। वह पूर्वी चंपारण जिले के लखौरा क्षेत्र स्थित विद्यालय में प्रतिनियुक्त थे। आरोप है कि वह अपने ही विद्यालय में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा को अपने साथ नेपाल ले जा रहे थे। इसी दौरान नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी के जवानों की नजर लड़की पर पड़ी। संदेह होने पर जवानों ने उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
इसके बाद महुअवा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शिक्षक को हिरासत में लिया। मामले में मानव तस्करी की आशंका समेत अन्य गंभीर पहलुओं की जांच की जा रही है।स्कूल में मचा हंगामा, दूसरे शिक्षक पर भी लगे आरोप
शिक्षक की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही विद्यालय परिसर में आक्रोश का माहौल बन गया। परिजनों और छात्रों ने स्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान विद्यालय में कार्यरत एक अन्य शिक्षक पर भी गंभीर आरोप लगाए गए, जिसके बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने हस्तक्षेप किया और आरोपी शिक्षक को सुरक्षा के बीच हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।स्थानीय स्तर पर आरोपी शिक्षक के कथित हाई-प्रोफाइल संपर्कों को लेकर भी चर्चाएं होती रहीं। हालांकि, इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, इस मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
दिनों से स्कूल से गायब थे शिक्षक, विभाग ने किया सस्पेंड शिक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक कार्रवाई के मुताबिक, कासिम आलम श्री रामदवन विभीषण +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय, लखौरा, प्रखंड मोतिहारी में प्रतिनियुक्त थे। उनका मूल पदस्थापन उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय कढ़ान बैरिया, प्रखंड केसरिया में बताया गया है।विभागीय जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक बिना किसी सूचना के लगातार दो दिनों से विद्यालय से अनुपस्थित चल रहे थे। उनके विरुद्ध सामने आए प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त) संशोधित नियमावली 2024 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी, पूर्वी चंपारण के अनुमोदन के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी किया है। कासिम आलम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, कोटवा का कार्यालय निर्धारित किया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध अलग से प्रपत्र ‘क’ के तहत आरोप पत्र जारी करने का निर्देश दिया गया है। नियमानुसार उन्हें निलंबन भत्ता भी दिया जाएगा।अब पुलिस जांच पर टिकी निगाहें इस पूरे मामले में अब पुलिस की जांच अहम हो गई है। छात्रा को नेपाल ले जाने के पीछे वास्तविक मंशा क्या थी, मानव तस्करी का कोई नेटवर्क सक्रिय था या नहीं और इस प्रकरण में अन्य लोगों की भूमिका है या नहीं, पुलिस इन तमाम बिंदुओं पर जांच कर रही है। एसएसबी की सतर्कता से सामने आए इस मामले ने शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
