ब्यूरो चीफ मनोज कुमार भट्ट
जिला बस्तर छत्तीसगढ़
बस्तर।
अंचल के 116 नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती एवं सुरक्षा हटाने के शासन के निर्णय को आम जनता ने सराहनीय बताते हुए इसका स्वागत किया है। नागरिकों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का लाभ केवल उन्हीं व्यक्तियों को मिलना चाहिए, जिन्हें वास्तव में सुरक्षा की आवश्यकता है।
आम नागरिकों के बीच यह चर्चा भी है कि बस्तर में ऐसे भी नेता! हैं, जो वास्तविक सुरक्षा आवश्यकताओं के बजाय अपना प्रभाव, रुतबा और राजनीतिक रसूख प्रदर्शित करने के उद्देश्य से सुरक्षाकर्मियों के साथ चलते हैं।
“ऐसे में शासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर अनावश्यक सुरक्षा हटाने का निर्णय उचित एवं प्रशंसनीय कदम है।
जनता का मानना है कि शासन को सुरक्षा व्यवस्था का निर्धारण राजनीतिक पद, प्रतिष्ठा अथवा दिखावे के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक खतरे और सुरक्षा संबंधी आवश्यकता के आकलन के आधार पर करना चाहिए।
