ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर कस्तूरबा विद्यालय के शिक्षकों प्रदर्शन

सोनभद्र समाचार ब्यूरोचीफ नन्दगोपाल पाण्डेय

अपनी विभिन्न मांग पत्र ज्ञापन जिलाधिकारी को दे कर बुलंद की आवाज़

 

जनपद में संचालित क० गाँ०आ०बा०वि० में व्याप्त समस्याओं के समाधान व प्रेरणा एप पर उपस्थिति न देने का मामला

 

सोनभद्र। कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को अपने विभिन्न मांगों को लेकर कस्तूरबा गांधी आवासी बालिका विद्यालय अध्यापकों द्वारा विरोध प्रदर्शन करते हुए डीएम को ज्ञापन दिया गया वहीं अध्यक्षता कर रही

स्नेह लता रॉय ने बताया

कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपवंचित वर्ग की छात्रायें जो शिक्षा की मुख्य धारा से छूट गई हैं, उन्हे शिक्षित कर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए 746 कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालय की स्थापना विगत वर्ष 2004 से चला रही है। अब तक सभी कर्मचारी पूरे मनोयोग से जनपद के सभी 09 विद्यालयों की छात्राओं की शिक्षा व सुरक्षा के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन बखूबी कर रहे हैं। कस्तूरबा विद्यालय में कार्य करने वाले कार्मिकों को अल्प मानदेय पर भी अधिक कार्य लिया जा रहा है। समय-समय पर तानाशाही फरमान जारी कर कस्तूरबा विद्यालय को प्रयोगशाला बना दिया गया है। प्रेरणा एप, खान एकेडमी, एम्बाइब इत्यादि अतिरिक्त कार्य का बोझ लाद दिया जाता है। प्रेरणा एप की तकनीकी खामियां बहुत ज्यादा है। उपस्थिति देने के बावजूद कर्मचारी अनुपस्थित हो जाते हैं और मानदेय की कटौती की जाती है। अतः हम सभी विद्यालयों के कार्मिकों द्वारा निर्णय लिया गया है कि परिषदीय में जब प्रेरणा एप के माध्यम से उपस्थिति दी जाएगी तभी हम भी अपनी उपस्थिति एप के माध्यम से देंगे। सरकार द्वारा हमारे साथ जो सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। हम उसका बहिष्कार करते हैं। हमें भी राज्यकर्मी का दर्जा प्रदान कर हमारी माँगों को सरकार सहर्ष स्वीकार करे।

वही डीएम से निवेदन है कि जनपद में संचालित कस्तूरबा के कार्मिकों की समस्याओं की तरफ त्तमाधान करने की पहल आप द्वारा किया जाए।

श्री रॉय ने बताया कि

कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालय की प्रमुख समस्याएँ-

 

1. क०गाँ०आ०बा०वि० में कार्यरत वार्डेन, फूलटाइम टीचर्स, रसोईयां, चपरासी व चौकीदार को साप्ताहिक अवकाश दिया जाता है। वह पूर्व की भाँति हो। सभी स्टाफ जनपद के नहीं बल्कि अन्य जनपदों से (200 कि०मी० से 300 कि०मी०) दूर के हैं। अतः दोनो साप्ताहिक अवकाश को एक साथ ले सकें।

 

2. पार्टटाइम टीचर्स, जो विद्यालय में काफी दूरी से आवागमन करते हैं, उनका मानदेय बहुत कम है। किराए में ही काफी पैसा चला जाता है, जिससे जीवन का गुजारा करना कठिन हो जाता है। अतः उन्हे भी सम्मानजनक वेतन दिया जाए।

 

3. विद्यालय संचालन में अहम भूमिका निभाने वाले लेखाकारों को डी०पी०ओ०, बी०आर०सी० व विद्यालय तीन जगहों पर नियम के विपरीत कार्य लिया जाता है, जिसके लिए अलग से कोई यात्रा भत्ता देय नहीं है। अन्य विभागों के लेखाकारों के पदों के सापेक्ष उनका मानदेय बहुत कम है, उन्हे भी सम्मानजनक वेतन दिया जाए।

 

4. विद्यालय में तैनात मुख्य रसोईयां व सहायक रसोईयों की जिम्मेदारी व कार्य बहुत ज्यादा है। नवोदय विद्यालय की रसोईयों की तरह इन्हे भी सम्मानजनक मानदेय दिया जाए।

 

5. विद्यालय में तैनात चौकीदार व चपरासी का वेतन भी बहुत कम है, जिससे आज के मँहगाई में गुजारा करना बहुत कठिन है।

 

6. विद्यालय में तैनात समस्त कर्मचारीयों को पूरे सत्र में मात्र 10 दिन का मेडिकल लीव दिया जाता है, वह भी अवैतनिक। जो सर्वथा अनुचित और अवकाश का दिवस बहुत कम है।

 

कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालय के कर्मचारीयों की कुछ प्रमुख माँग-

 

1. समस्त शिक्षक, शिक्षिकाओं व शिक्षणेत्तर कर्मचारीयों को नई शिक्षा नीति में वर्णित निर्देशों के क्रम में विनियमतीकरण यथाशीघ्र किया जाए।

 

2. वार्डेन, पूर्णकालिक कर्मचारीयों का सप्ताहिक अवकाश पूर्व की भाँति हो व संख्या दो से अधिक बढ़ाई जाए।

 

3. समस्त शैक्षणिक व शिक्षणेत्तर कर्मचारीयों को साल में 14 सी०एल० के अतिरिक्त कम से कम 20 प्रतिकर अवकाश प्रदान किया जाए।

 

4. वार्डेन, पूर्णकालिक शिक्षिकाओं को निवास के लिए अतिरिक्त कक्ष की व्यवस्था की जाए।

 

5. फूलटाइम व पार्टटाइम टीचर्स जैसे शब्द हटाकर सभी को सहायक अध्यापक व समान कार्य व समान वेतन की व्यवस्था की जाए।

 

6. विद्यालय में तैनात लेखाकारों को नवोदय विद्यालय के लेखाकारों की भाँति वेतन व अन्य भत्ता सुविधाएँ प्रदान की जाए। 7. प्रत्येक वर्ष बेसिक अध्यापकों की भाँति मानदेय में 10 प्रतिशत की दर से इन्क्रीमेन्ट

 

लगाया जाए।

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