*अध्यापक के बेटे ने रचा इतिहास 20 साल की उम्र में करेंगे देश की सेवा*
*गुना जिले में पहली बार धाकड़ समाज से निकला है कोई लेफ्टिनेंट आर्मी ऑफिसर की पोस्ट पर*
*आनंद धाकड़ सीडीएस में अंतिम रूप से हुए चयनित*
*आनंद धाकड़ सीडीएस में अन्तिम रूप से चयनित होकर भविष्य में लेफ्टिनेंट आर्मी ऑफिसर बनकर अपना एवं अपने गांव के साथ समस्त गुना ज़िले का नाम रोशन करने वाले हैं*
आनंद धाकड़ मूलतः गुना ज़िले की ग्राम पंचायत ढुरढुरू अंतर्गत
ग्राम नोहर के रहने वाले हैं इनके पिता शासकीय शिक्षक हैं जो भौरा गिर्द गांव में पदस्थ है पिता का नाम जयनारायण धाकड़ हैं उनका एवं धाकड़ समाज का नाम रोशन किया है अभी तक गुना जिले से कोई भी धाकड़ समाज में आर्मी ऑफिसर नहीं बना 20 साल की उम्र में आर्मी ऑफिसर की ट्रेनिंग के लिए चेन्नई जा रहें हैं
*आनंद धाकड़ ने 20 साल की उम्र में ही अपने पिता का किया सर फक्र से ऊंचा*
आजकल के जमाने में इतनी कम उम्र में इतनी अधिक मेहनत करने के बाद भी लोग नौकरियों के लिए तरस रहे हैं मां-बाप पूरी मेहनत के साथ बच्चों को अच्छी शिक्षा की तालीम देते हैं लेकिन बहुत ही काम बच्चे ऐसे होते हैं जो मां-बाप की उम्मीदों पर खारे उतार पाते हैं लेकिन यहां ऐसा नहीं है आनंद धाकड़ ने अपनी पूरी मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई के साथ-साथ फिजिकल मेहनत भी की और आज उनकी यह मेहनत रंग लाई वह आर्मी में जाकर अपने देश की सेवा के साथ-साथ पूरे गुना जिले का नाम गौरांवित करने वाले हैं
आनंद धाकड़ का कहना है कि मेरी सफलता के पीछे मेरे पूरे परिवार और मेरे माता-पिता का पूरा योगदान है उनकी ही आशीर्वाद और उनके ही परिश्रम से मैं आज देश की सेवा करने लायक बन पाया हूं आनंद धाकड़ ने भावोक होते हुए कहा कि मेरे परिवार जैसा मेरे भाई ,बहन और माता-पिता जैसे इस देश में सभी को ऐसा परिवार मिले और ऐसे मां-बाप मिले जो अपने बच्चों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं हर समस्या में भी उन्होंने मेरा हर पल सहयोग किया और मुझे इस काबिल बनाया कि मैं अपने मां-बाप के साथ अपने देश का नाम रोशन कर सकूं देश की सेवा कर सकूं मैं धन्य हूं ऐसे मां-बाप पाकर जिन्होंने मुझे पला पोषा और मुझे इस लायक बनाया कि मैं अपनी मातृभूमि की सेवा करने में सक्षम आज बन पाया हूं
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👉जिला गुना से गोलू सेन की रिपोर्ट