उत्तर प्रदेश सहारनपुर से
21 अक्टूबर गजरथ महोत्सव के कार्यक्रमों की श्रृंखला मे श्री दिगम्बर जैन सेवा समिति के संयोजन में विराट कवि सम्मेलन
कवि सौरभ जैन सुमन ने सिख समाज के बलिदान और जैन समाज के समर्पण का इतिहास बताकर भाव विभोर कर दिया,जैन और सिख समाज का रिश्ता कुर्बानी और समर्पण का है
डॉ अनामिका जैन अंबर ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति यहां जिनवाणी का है सार यहां घर-घर में मंगलाचार यहां भवतारी है नवकार
यहां संयम ही है त्यौहार
यही जिन धर्म की गंगा
हमारा ध्वज पचरंगा” पर उपस्थित जन समुदाय को भक्ति नृत्य करने के लिए मजबूर कर दिया
कवियो ने देश भक्ति, धार्मिक सामाजिक समरसता, राजनीति, कन्याओं की महत्ता, नारी शक्ति के साथ-साथ गुरुओं की महिमा का वर्णन करते हुए भगवान महावीर स्वामी के चरणों में भी वंदन किया। अहिंसा एवं वैमनस्य के वर्तमान परिदृश्य में जैन धर्म की अहिंसा की प्रासंगिकता,राष्ट्रभक्ति,वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य,अपरिग्रह धर्म में बाधक एवं भगवान महावीर की शिक्षाएं विश्व शांति का आधार जैसे सामायिक विषयो पर जीवंत काव्य पाठ कर जन जन के हृदय को स्पर्श किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत श्रीजी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया इसके पश्चात मां जिनवाणी की स्तुति के साथ काव्य पाठ का शुभारंभ हुआ।
कवित्री डॉ अनामिका जैन अंबर ने जो भूमि देवताओं की परम पावन विरासत है
हमें है गर्व जिस पर वो हमारा देश भारत है
कवियत्री सोनल जैन ने महिमा और भक्ति को उकेरा तो पंडाल करतल ध्वनियों से गूंज उठा ,सोनल जैन ने कहा हुए कि सीता अनुसूया जैसी साधना आराधना से 22 परिवारो का आधार है वह बेटियां शुभ और लाभ दोनों एक हाथ में रख कर हर एक दिन ही त्यौहार बने बेटियां, बेटियों को बेटों से कम ना आंका करें, मुश्किलों में पतवार बने बेटियां।
कवि मोहन मुन्तजिर ने
प्यार करो धरती से और आजादबनो अशफाक बनो लैलाओ के चक्कर में मजनू बने से क्या होगा
कवि मोहित संगम ने
“जिनकी प्रबल मुखरता ही इतिहासी नब्ज टटोलती है” “सारी दुनिया मौन रहे लेकिन कविता बोलती है”
मध्य प्रदेश के जबलपुर से आये जैन दर्शन के कवि सजल जैन ने
आदिनाथ से वश हमारा महावीर उधोतन है”
गोमटेश्वर बाहुबली संपूर्ण जैन संबोधन है”
इससे पूर्व जैन समाज के अध्यक्ष राजेश कुमार जैन जो कि विगत 15 दिनों से अस्वस्थ चल रहे है ने अपने प्रेषित उद्बोधन में कहा कवि जनमानस की अभिव्यक्ति को प्रस्तुत करता है है,यह अभिव्यक्ति का सबल सशक्त वाहक है,देश की सरकार को कवियों की भावनाओं को जनमानस की भावनायें मानते हुए तद्नुरूप अपनी नीतियों, कार्यक्रम एव नीतियो में संशोधन करते रहना चाहिए,देश के स्वतंत्रता संग्राम में तत्कालीन कवियों द्वारा स्वतंत्रता के यज्ञ में में महती भूमिका अदा की गयी थी, जो कार्य बड़े बड़े जन आंदोलन नहीं कर पाते,वह कार्य कवियो अपनी चंद पंक्तियों द्वारा कर लिया जाता है।
समाज के संरक्षक एवं रथोत्सव मुख्य संयोजक राकेश जैन ने कहा की जैन समाज देश के प्रत्येक वर्ग की उन्नति में सहभागिता करने के लिए हमेशा तैयार रहता है और अपने कार्यक्रम के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग की की समस्या को सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करता है
कार्यक्रम का उद्धघाटन राकेश कुमार जैन, ,दीपप्रज्वलन अजय कुमार जैन, चित्र अनावरण अरुण कुमार जैन,स्वागताअध्यक्ष विपिन जैन ने सभी अतिथियों का वंदन अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया गया,एवं मुख्य संयोजक विनोद जैन,आदित्य जैन व कार्यक्रम संयोजक विनय जैन, राजा जैन द्वारा जैन समाज अध्यक्ष के शुभाशीष से कार्यक्रम की शुरुआत की,ओर मुख्य अतिथि अविनाश जैन नाटी सम्मान किया,समारोह के अध्यक्ष अवनीश जैन( राजा) ,विशिष्ट अतिथि अलका जैन,नीना जैन(जी न्यूज़),सन्दीप जैन (बॉबी),बालेश जैन,तरस तृप्त जैन (टी टी),रहे।।
कार्यक्रम के आयोजन-संचालन में विनय जैन, राजा जैन,दीपक जैन,एडवोकेट दीपक जैन,मुख्य सयोंजक विनोद जैन,आदित्य जैन,विपिन जैन (चांदी वाले),संजीव जैन महामंत्री ,कोषाध्यक्ष अरुण जैन ,अविनाश जैन नाटी,अनिल जैन,सी ए, चौधरी अनिल जैन(मंटू),राजीव जैन टीटू,प्रवीण जैन,पवन जैन,रविन्द्र जैन,प्रमोद जैन,आयुष जैन,मोहित जैन, अतुल जैन,पुनीत जैन, आयुष सिंघल,ईशु जैन, मानसिंह जैन मनोज जैन,राहुल अग्रवाल,नवीन जैन,संदीप बॉबी जैन, सुनील टीटू जैन,प्रियांशु जैन आचमन जैन ,अनुज अग्रवाल,हर्ष जैन अभिषेक जैन अक्षत जैन धवल जैन, टी टी जैन,भव्य जैन सिद्धार्थ जैन ,अनुज जैन, सन्दीप जैन, मनोज जैन, मोहित जैन, निखिल जैन, विकास जैन नमन जैन ,एवं सरिता जैन,नीरू जैन,नीता जैन,पिंकी जैन,अंजू जैन,नीना जैन,पायल जैन,अलका जैन,के साथ समस्त समिति के पदाधिकारीगण व आये हुए सभी मानुभवो का विशेष सहयोग रहा।