आठ दिन में 1,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिक्री:डेढ़ लाख किलो चांदी के सिक्के, बर्तन, मूर्तियों से धनतेरस-दिवाली का शगुन।

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आठ दिन में 1,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिक्री:डेढ़ लाख किलो चांदी के सिक्के, बर्तन, मूर्तियों से धनतेरस-दिवाली का शगुन

मुंबई

 

त्योहारी मांग देखते हुए एक महीने पहले से सिक्के, बर्तन और मूर्तियों का निर्माण शुरू हो जाता है।

धनतेरस और दिवाली पर लगभग पूरे देश में चांदी खरीदने का शगुन होता है। इस बार करीब एक हजार करोड़ रुपए की डेढ़ लाख किलो चांदी के सिक्के, बर्तन और मूर्तियों की खरीद का अनुमान है। दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा में चांदी के सिक्कों का बड़े पैमाने पर कारोबार होता है। दक्षिण भारत में चांदी के बर्तनों की खरीद होती है। मूर्तियों की मांग लगभग हर राज्य में है।
त्योहारी मांग देखते हुए एक महीने पहले से सिक्के, बर्तन और मूर्तियों का निर्माण शुरू हो जाता है। धनतेरस और दिवाली करीब आते ही कारखानों में दो शिफ्टों में काम हो रहा है। डेढ़ लाख किलो के चांदी के कारोबार में करीब आधा निर्माण दक्षिण भारतीय राज्यों में होता है।
इसमें राजस्थान की हिस्सेदारी करीब 10 फीसदी है। राजस्थान में धनतेरस-दिवाली के लिए करीब 15,000 किलो चांदी के बर्तन, सिक्के और मूर्तियां बनाने में खप जाएगी। सराफा ट्रेड्रर्स कमेटी, जयपुर के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने कहा, लोग धनतेरस और दिवाली पर चांदी के सिक्के खरीदना शुभ मानते हैं।
देशभर में बर्तन, सिक्कों और मूर्ति के 3,000 कारखाने
चांदी के सामान बनाने वाले सबसे ज्यादा कारखाने कोलकाता, जयपुर और जोधपुर में हैं। चेन्नई, कोयम्बटूर, हैदराबाद, बेंगलुरू, विजयवाड़ा में बर्तन ज्यादा बनते हैं। वहीं, नागपुर, मुंबई, पूना, कोल्हापुर, आगरा, लखनऊ अहमदाबाद, राजकोट व सूरत में बर्तन और सिक्के बनाए जाते हैं। श्री राजस्थान सराफा संघ के अध्यक्ष सुभाष गुप्ता के मुताबिक देश में करीब 3,000 कारखाने हैं।
एमएमटीसी 2200 किलो सामान बेचेगी
​​​​​​​सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एमएमटीसी और निजी क्षेत्र की कंपनियां ब्रांडेड सिक्के, बर्तन और मूर्तियां बनाती हैं। एमएमटीसी के जीएम विक्रम मीणा ने बताया, धनतेरस-दिवाली पर रिटेल सेल के लिए 1,500 किलो चांदी के सिक्के, 700 किलो बर्तन बना रहे हैं। हालांकि मांग ज्यादा ही रहेगी।
ग्राहकों की सुविधा के लिए 5 ग्राम से 1 किलो तक के सिक्के, बर्तन भी बजट के मुताबिक
वैसे तो यह कारोबार पूरे साल चलता है, लेकिन दिवाली पर मांग कई गुना बढ़ जाती है। ग्राहकों के बजट के हिसाब से 5, 10, 20, 50, 100, 250, 500 और एक किलो वजन के सिक्के बनाए जाते हैं। लक्ष्मी-गणेश के चित्र वाले चांदी के नोट भी बनते हैं। लक्ष्मी पूजन के लिए 10 व 20 ग्राम के सिक्कों की खरीद ज्यादा होती है। निवेश या उपहार में देने के लिए 500 ग्राम और एक किलो चांदी की बार बिकती है। बर्तनों में दीपक, थाली, कलश, कटोरी, गिलास इत्यादि होते हैं। दक्षिण भारत में बर्तन पांच किलो वजन तक बनते हैं। अभी 10 ग्राम चांदी की कीमत 725 से 850 रुपए के बीच है।
सतर्क रहें:नकली सिक्कों से सावधानी जरूरी
ज्वैलर्स के मुताबिक ग्राहकों में जागरूकता और ब्रांडेड सिक्के आने के बाद नकली सिक्कों का कारोबार घटा है, लेकिन अब भी कई शहरों में गिलट या कम चांदी के सिक्के बनाकर कस्बों और ग्रामीण इलाकों में सप्लाई किए जाते हैं। ग्राहकों को सर्तक रहना चाहिए।

 

Bureau Chief-
साकिब हुसैन
INDIAN TV NEWS
मुंबई
www.indiantvnews.in

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