सिवनी-बालाघाट सड़क का अंततः दूसरी बार अस्थाई रूप से बंद हुआ है सेलुआ का टोलनाका।

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जिला-सिवनी ब्यूरो चीफ
अनिल दिनेशवर
सिवनी-बालाघाट सड़क का अंततः दूसरी बार अस्थाई रूप से बंद हुआ है सेलुआ का टोलनाका।

अत्यधिक विरोध व राजनीतिक दबाव के कारण सेलुआ टोलनाका बंद कराने में विभिन्न संगठन व राजनीतिक पार्टीयों को सफलता मिली ।

मध्य प्रदेश के जिला सिवनी एवं बालाघाट के बीच सेलुआ व गर्रा में टोल नाका का विवाद अभी समाप्त नहीं हुआ है। राजनैतिक दबाव और इसका विरोध के चलते सरकार की हो रही फजीहत से बचने इन टोल नाकों को अस्थाई तौर पर बंद करने के निर्णय पर विभाग की सैद्धांतिक सहमति बनी है।
उक्ताशय की बात मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड के उच्च पदस्थ सूत्रों ने सूत्रों ने बताया कि सिवनी जिले के सेलुआ व बालाघाट जिले के गर्रा के टोल नाकों पर डंपर यूनियन, ट्रांसपोर्ट यूनियन आदि सहित कांग्रेस के द्वारा आंदोलन किए जाने से यह मामला कांग्रेस के पक्ष में जाता दिख रहा था, जिससे सिवनी और बालाघाट जिलों में भाजपा को नुकसान उठाना पड़ सकता था।
सूत्रों ने आगे कहा कि इस मामले में सिवनी और बालाघाट के लोग जिस तरह से सोशल मीडिया पर इसे मुद्दा बना रहे थे, उसका असर उप चुनावों पर भी पड़ता दिख रहा था, इसलिए फिलहाल कुछ समय के लिए टोल को स्थगित करने पर सहमति बनी है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि सिवनी व बालाघाट के बीच भले ही गर्रा से टोलनाका हटाकर बालाघाट जिले के कंजई में ले जाया जाए ताकि लालबर्रा तक आने जाने वालों को टोल से राहत मिल सके, किन्तु सिवनी में सेलुआ में ही टोल नाका संचालित होगा, क्योंकि सिवनी के जनप्रतिनिधियों के द्वारा इस बात को वजनदारी से शासन के समक्ष नहीं रखाा जा रहा है कि इससे किसे कितना नुकसान होगा।
सूत्रों ने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड के अधिकारी और इस सड़क पर टोल वसूली करने वाली हरियाणा मूल की स्कायलार्क प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के नुमाईंदों की लगातार बैठकें चलती रहीं। इन बैठकों के बाद टोल की वसूली अस्थाई रूप से बंद कराने की बात पर सहमति बनी है।
कर्मचारी खुश, घर पर होगी दीपावली
इधर, सेलुआ टोलनाका बंद कराने की सूचना स्कायलार्क कंपनी के हरियाणा स्थित मुख्यालय से दोपहर लगभग डेढ़ बजे मिलने के बाद टोल वसूली के काम को रोक दिया गया। सूत्रों ने बताया कि कर्मचारियों में इस बात को लेकर खुशी थी कि वे दीपावली के पर्व को तो कम से कम अपने घर पर मना सकेंगे। फिलहाल टोलनाके पर लगे सीसीटीवी कैमरों, कंप्यूटर आदि की सुरक्षा के लिए वहां सुरक्षा गार्ड तैनात किया जा रहा है। इसके पहले अगस्त में चालू होने के बाद हुआ था बंद ज्ञात हो कि अगस्त माह में टोल नाका आरंभ हो गया था। बाद में जब बरघाट के विधायक अर्जुन सिंह काकोड़िया यहां धरने पर बैठे और बालाघाट के विधायक गौरी शंकर बिसेन ने शासन से इस मामले में चर्चा की तब 13 अगस्त को यह टोल नाका अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया था फिर से 22 अक्टूबर को एक बार फिर आरंभ कराया गया ।
टोल वसूली तो होगी!
वहीं, एमपीआरडीसी मुख्यालय के सूत्रों ने दावा किया है कि सेलुआ और गर्रा में होने वाली टोल वसूली को कुछ समय बाद जब विरोध कम हो जाएगा, तब एक बार फिर आरंभ करवा दिया जाएगा। जितने दिन टोल बंद रहेगा, उतने दिन का पैसा कंपनी को शासन को नहीं देना होगा। इसके अलावा टोल बंद रहने पर टोल कंपनी को शासन की ओर से हर्जाना देने की बात भी उठती दिख रही है।

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