राकेश मित्र
सचिव परलकोट कृषि आदान विक्रेता संघ पखांजूर, कांकेर, छत्तीसगढ़
हाल ही में कांकेर प्रेस क्लब में सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता के माध्यम से बंगाली समुदाय विशेष को लक्षित कर कुछ बेहद आपत्तिजनक, भ्रामक और सामाजिक रूप से विभाजनकारी बयान सार्वजनिक रूप से दिए गए हैं।
इस पर मैं, राकेश मित्र सचिव परलकोट कृषि आदान विक्रेता संघ पखांजूर एक जागरूक नागरिक के नाते कड़ी आपत्ति और तीखी प्रतिक्रिया दर्ज कराना चाहता हूँ:
1. बंगाली समाज इस क्षेत्र में दशकों से रह रहा, मेहनतकश, शांतिप्रिय और समाज के विकास में सहभागी समुदाय है। इस समाज ने शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और कृषि के क्षेत्र में योगदान दिया है, न कि किसी भी प्रकार से आदिवासी समाज के अधिकारों का हनन किया है।
2. प्रेस वार्ता में ‘बंगाली समुदाय द्वारा जंगल, जमीन हड़पने’ जैसे आरोप निराधार, बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण हैं, जिनका कोई कानूनी या तथ्यात्मक आधार नहीं है।
3. इस प्रकार की भाषाई, जातीय या समुदाय विशेष के विरुद्ध दिए गए बयान समाज को तोड़ने का कुत्सित प्रयास हैं, जिससे केवल आपसी भाईचारे को ठेस पहुँचेगी और क्षेत्रीय तनाव उत्पन्न होगा।
4. यदि किसी व्यक्ति विशेष द्वारा कोई गलती होती है, तो उसकी जांच शासन/प्रशासन के माध्यम से होनी चाहिए, पूरे समुदाय को कटघरे में खड़ा करना न केवल अनैतिक है, बल्कि संविधान की आत्मा के भी खिलाफ है।
5. मैं सर्व आदिवासी समाज के जिम्मेदार प्रतिनिधियों से आग्रह करता हूँ कि वे सार्वजनिक मंच से इस प्रकार के भड़काऊ वक्तव्य देने से बचें, अन्यथा यह मामला कानूनी कार्रवाई तक जा सकता है।
हम सभी इस क्षेत्र के निवासी हैं — कोई बाहरी नहीं, कोई भीतरी नहीं। छत्तीसगढ़ की माटी हम सभी की है। समाज को जोड़िए, तोड़िए नहीं।
– राकेश मित्र
सचिव
परलकोट कृषि आदान विक्रेता संघ पखांजूर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छ.ग.)