बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल, सड़कों के गड्ढों से जनता बेहाल
जलभराव से भरे गड्ढे बने मुसीबत का सबब, राहगीरों को हो रही भारी परेशानी
मऊरानीपुर, उत्तर प्रदेश, 28 जून 2025।
मॉनसून की पहली बारिश ने ही शहर के प्रमुख मार्गों की हालत बदहाल कर दी है। आलम यह है कि सड़कों पर हुए गड्ढे अब जानलेवा तालाबों में तब्दील हो चुके हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के मुख्य बाजार डाकखाना से लेकर रिहायशी इलाकों तक, हर जगह सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, जो बारिश के पानी से भर गए हैं। इन गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों में स्थानीय प्रशासन के प्रति भारी रोष है।
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सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को हो रही है। पानी भरे गड्ढे दिखाई न देने से वाहन चालक अपना संतुलन खो बैठते हैं और गिरकर घायल हो जाते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे, दफ्तर जाने वाले लोग और बीमार मरीजों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस को भी इन रास्तों से निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार तो वाहनों का पहिया गड्ढों में फंस जाता है, जिससे लंबा जाम लग जाता है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या के बारे में प्रशासन को कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक स्थानीय दुकानदार, रामकुमार ने बताया, “बारिश होते ही ग्राहक दुकान तक नहीं आ पाते, जिससे हमारा व्यापार चौपट हो रहा है। लगता है प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।”
एक राहगीर, सुरेश कुमार ने कहा, “रोज सुबह दफ्तर जाने में डर लगता है। पता नहीं कौन-सा गड्ढा मुसीबत बन जाए। नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।”
मरम्मत की मांग, लेकिन नहीं हुई सुनवाई
नागरिकों का आरोप है कि गर्मी के मौसम में इन गड्ढों को भरने का काम किया जा सकता था, लेकिन समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया। अब बारिश शुरू होने के बाद स्थिति और भी बदतर हो गई है। जनता ने स्थानीय प्रशासन से तत्काल इस समस्या पर ध्यान देने और सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि आने वाले दिनों में किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके और लोगों को आवागमन में राहत मिल सके।
रिपोर्ट: [ जितेंद्र कुमार]