नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो हजारीबाग।
स्नातकोत्तर अंग्रेज़ी विभाग में ‘सेकंड लैंग्वेज लर्निंग’ पर सेमीनार
द्वितीय भाषा को सिखाने में भी रखे शौक: डॉ रिजवान अहमद
हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अंग्रेज़ी विभाग द्वारा बुधवार को द्वितीय भाषा सीखने पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ रिजवान अहमद ने किया। मौके पर कई विद्यार्थियों ने अपने अपने विचार रखे।
छात्र शमशेर आलम ने द्वितीय भाषा सीखने के क्रम में उम्र, पर्यावरण (एनवायरनमेंट) एवं सामाजिक ताना बाना कहाँ तक प्रभावित करता है उस पर अपने विचार रखे। आनंद ने द्वितीय भाषा सीखने के क्रम में किन बाधाओं का सामना करना पड़ता है उस पर चर्चा की। राजबाला ने साईंमुल्टेनियस लर्निंग के गुण एवं उसके अवगुण के बारे में बताया। अंजुम शाहीन ने द्वितीय भाषा को सीखने के महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉ रिजवान अहमद ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा की हममें दूसरी भाषाओं को भी सीखने का शौक़ होना चाहिए। द्वितीय भाषा सीखने में कठिनाइयों का सामना कैसे किया जाए उस पर उन्होंने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समकालिक ‘साईंमुल्टेनियस’ एवं अनुक्रमिक ‘सीक्वेंशियल’ लर्निंग पर भी विस्तृत जानकारी दी। मंच संचालन क्लास रिप्रेजेंटेटिव कमीज़ फातिमा ने किया। इस अवसर पर दोनों ही समझ सत्र के विद्यार्थी अच्छी संख्या में उपस्थित हुए।