नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो चीफ हजारीबाग
विनोबा भावे विश्वविद्यालय में वोकेशनल कोर्स में नामांकन शुरू, कुलपति ने किया औचक निरीक्षण
हजारीबाग : विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) में शैक्षणिक सत्र 2025-28 के लिए विभिन्न वोकेशनल पाठ्यक्रमों में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी बीच, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर चंद्र भूषण शर्मा ने परिसर का औचक निरीक्षण कर वर्षों से अनुपयोगी पड़े भवनों के इस्तेमाल पर चिंता जताई है।
वोकेशनल पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
विभावि के चांसलर पोर्टल और नामांकन कोषांग के प्रभारी डॉ. इंद्रजीत कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले अंगीभूत और संबद्ध अन्नदा महाविद्यालय में बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA), बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA), बैचलर ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, सीएनडी (CND), बैचलर ऑफ कॉर्पोरेट सेक्रेटरीशिप (BCS), बैचलर ऑफ फैशन डिजाइनिंग (BFD), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) और बैचलर ऑफ वोकेशनल डिग्री इन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट (B.Voc-SD) में नामांकन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
* ऑनलाइन आवेदन: छात्र 23 से 28 जुलाई तक चांसलर पोर्टल (http://jharkhanduniversities.nic.in) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
* आवेदन शुल्क: नामांकन शुल्क ₹500 निर्धारित किया गया है।
* मेधा सूची: मेधा सूची का प्रकाशन 30 जुलाई को किया जाएगा।
* दस्तावेज सत्यापन: संबंधित महाविद्यालयों में दस्तावेजों का सत्यापन 30 जुलाई से 6 अगस्त तक होगा।
* ऑनलाइन नामांकन: चयनित अभ्यर्थी 30 जुलाई से 7 अगस्त तक चांसलर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन नामांकन ले सकेंगे।
* अधिक जानकारी: विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.vbu.ac.in पर उपलब्ध है।
कुलपति ने किया परिसर का औचक निरीक्षण, अनुपयोगी भवनों पर जताई चिंता
विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर चंद्र भूषण शर्मा ने मंगलवार को मल्टीपर्पज इंडोर स्टेडियम भवन और जेसी बोस विज्ञान भवन दो का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि विश्वविद्यालय में इतनी सारी संरचनाएं होने के बावजूद उनका उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा, “इन सारी संरचनाओं का उपयोग विश्वविद्यालय हित और खासकर छात्र हित में कैसे किया जाए, इसी को तलाशने के लिए मैं स्वयं निरीक्षण कर रहा हूं।”
ज्ञात हो कि विश्वविद्यालय के दूसरे नैक मूल्यांकन के समय भी पीयर टीम ने अपनी एग्जिट मीटिंग में यह बात स्पष्ट कही थी कि विश्वविद्यालय के पास आवश्यक संरचनाएं और संसाधन तो हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो रहा है। कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद से ही प्रोफेसर शर्मा इस दिशा में पहल कर रहे हैं। उन्होंने परिसर में बंद पड़े छात्रावासों के निरीक्षण से अपना कार्य प्रारंभ किया था।
निरीक्षण के दौरान वह जेसी बोस विज्ञान भवन पहुंचे, जहां उन्होंने एक प्रशाल का निरीक्षण किया। यहाँ पुरानी परीक्षा की कॉपियाँ रखी मिलीं। कुलपति ने निर्देश दिया कि उत्तर पुस्तिकाओं को दूसरी जगह स्थानांतरित कर इस प्रशाल का जीर्णोद्धार कर इसे पठन-पाठन के कार्य में लाया जाएगा।
निरीक्षण के क्रम में कुलपति को यह भी बताया गया कि कुछ भवन ऐसे हैं जिनका अभी तक हैंडओवर नहीं हुआ है, जबकि कुछ भवनों का कार्य ठेकेदार अधूरा छोड़ गए हैं। हाल ही में हजारीबाग लोकसभा के सांसद श्री मनीष जायसवाल ने भी कुलपति से मुलाकात कर जनजातीय अध्ययन केंद्र भवन और विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध उच्च स्तरीय खेल संरचना एवं संसाधनों के उपयोग का आग्रह किया था।
इस निरीक्षण के दौरान विश्वविद्यालय के वित्त सलाहकार अखिलेश शर्मा, इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. विकास कुमार, मानव विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. विनोद रंजन, और शिक्षाशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ. मृत्युंजय प्रसाद सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।