झारखण्ड में ओला, उबर और रैपिडो, कंपनियों कि मनमानी
झारखण्ड के टैक्सी चालक जो ओला, उबर और रैपिडो, मे अपनी टैक्सी चलाते हैं,
बड़े फायदे और कमाई का झासा देकर कैब कंपनियो ने कई हजार लोगों को ठगा है बेवक़ूफ़ बनाया है टैक्सी चालक का कहना है
कि आज उनका खर्च भी नहीं निकल पा रहा है
एक लोन चुकाने के लिए दूसरा लोन लेना पड
रहा है बीबी के गहने बेचकर रूम रेंट और खाने का पैसा जुगाड़ करना पड रहा है
ये सब परिस्थितियों का कारण कैब कंपनी और
बहरी सरकार है जो इस हालत में भी चालकों के साथ नहीं खड़ी है ब्लकि तमाशा देख रही है
कैब कंपनियो की कुछ गलत नीतियां
1,ग्राहक से जादा कैब रजिस्टर करना
2,महगाई डबल और किराया आधा
3,चालकों कि सुरक्षा की कोई फिक्र नहीं
4,कंपनी के अधिकारियों का कोई पता नहीं
कि टैक्सी ड्राइवर अपनी परेसानी बता सके
5, रीचार्ज करना जरूरी है लेकिन कमाई का कोई पता नहीं
चन्दन कुमार पाठक
ब्यूरो चीफ
रांची झारखण्ड