NDMA टीम ने हजारीबाग में आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया
हजारीबाग: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की एक उच्च-स्तरीय टीम ने गुरुवार को हजारीबाग का दौरा कर जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। इस टीम में उप सचिव (PRAG) अंबुज बाजपेयी, अवर सचिव सरोज कुजूर और सलाहकार (DM) डॉ. वसीम इकबाल शामिल थे।
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में हजारीबाग, रामगढ़, दुमका और साहेबगंज जिलों के आपदा मित्र, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
जोखिम कम करने पर जोर
बैठक के दौरान, डॉ. वसीम इकबाल ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन सिर्फ राहत और बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जोखिम कम करने, सामुदायिक सहभागिता और आधुनिक तकनीक का उपयोग शामिल होना चाहिए।
उन्होंने सभी जिलों को अपनी आपदा प्रबंधन योजनाओं (SDMP/DDMPs) को नियमित रूप से अपडेट करने और अपनी तैयारी और प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
टीम ने हजारीबाग में आपदा प्रबंधन की तैयारियों का बारीकी से आकलन किया। बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई, जिनमें शामिल हैं:
अर्ली वार्निंग और अर्ली एक्शन प्लान:
आपदा की पूर्व चेतावनी और समय पर कार्रवाई की स्थिति।
अंतर-विभागीय समन्वय: सशस्त्र बलों, सीएपीएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य विभागों के बीच बेहतर तालमेल।
सामुदायिक स्वयंसेवक: आपदा मित्र, आपदा सखी और दिदी जैसे सामुदायिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करना और उन्हें आपदा प्रबंधन से जोड़ना।
स्थानीय आपदाएं: हाथियों के हमले, सांप के काटने, लू, आकाशीय बिजली, आग और भारी बारिश जैसी स्थानीय आपदाओं से निपटने की योजना।
मॉक एक्सरसाइज पर विशेष बल
NDMA टीम ने आपदा की स्थिति के लिए बेहतर तैयारी सुनिश्चित करने हेतु मॉक एक्सरसाइज को बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर मल्टी-हजार्ड और CBRN (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर) मॉक ड्रिल आयोजित की जानी चाहिए।
इन अभ्यासों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सशस्त्र बल, पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। धार्मिक आयोजनों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे जैसे रेलवे, एयरपोर्ट, पावर स्टेशन आदि जगहों पर भी ऐसे अभ्यास करने की आवश्यकता बताई गई।
इसके अलावा, टीम ने आपदा प्रबंधन के लिए ‘सचेत ऐप’ की जानकारी दी और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया ताकि लोगों को समय पर अलर्ट मिल सके।
नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज ब्यूरो चीफ हजारीबाग संपर्क करें -8850529025