नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो हजारीबाग
हजारीबाग में बड़ी कामयाबी: पेट्रोल पंप लूट की योजना विफल, तीन गिरफ्तार
हजारीबाग: पुलिस को 9 सितंबर 2025 को बड़ी सलता हाथ लगी। पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए, लूट की योजना बना रहे दो अपराधियों को गिरफ्तार किया। इन अपराधियों की निशानदेही पर, पूर्व में हुए पेट्रोल पंप लूट में शामिल एक और आरोपी को भी पकड़ा गया।
घटना का विवरण
पुलिस अधीक्षक हजारीबाग को गुप्त सूचना मिली थी कि रितेश कुमार यादव और पंकज कुमार नाम के दो अपराधी खिरगांव होते हुए मिशन अस्पताल की ओर से एक पेट्रोल पंप लूटने जा रहे हैं। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई।
टीम ने मिशन रोड पर मजार के पास नाकाबंदी कर वाहनों की तलाशी शुरू की। इसी दौरान, बिना नंबर प्लेट की एक एक्टिवा स्कूटी आती दिखी। पुलिस को देखते ही स्कूटी सवारों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रितेश कुमार यादव (उम्र करीब 20 वर्ष) और पंकज कुमार (उम्र करीब 22 वर्ष) के रूप में हुई।
बरामदगी और स्वीकारोक्ति
गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधियों के पास से एक देसी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस (7.65 एमएम), तीन जिंदा कारतूस (315 एमएम), तीन मोबाइल फोन और बिना नंबर की एक्टिवा स्कूटी बरामद हुई।
पूछताछ में, आरोपी पंकज कुमार ने 15 अगस्त, 2025 को खिरगांव में हुए पेट्रोल पंप मैनेजर से लूट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसने बताया कि यह लूट उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर की थी।
तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी
पंकज की निशानदेही पर, पुलिस ने खिरगांव पेट्रोल पंप पर काम करने वाले कर्मी राहुल कुमार (उम्र करीब 20 वर्ष) को गिरफ्तार किया। राहुल ने पूछताछ में लूट में अपनी भूमिका स्वीकार की और उसकी निशानदेही पर लूट के हिस्से के तौर पर मिले 50,000 रुपये भी बरामद किए गए।
पुलिस केस और आपराधिक इतिहास
इस मामले में, सदर (बड़ाबाजार) ओ.पी. थाना में कांड संख्या 280/25, दिनांक 09.09.2025, धारा 25 (1ए)/26/35 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है:
१.रितेश कुमार यादव: केरेडारी थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
२.पंकज कुमार: सदर थाना और सदर बड़ा बाजार थाना में पहले से ही लूट और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं।
इस पूरी कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर अमित आनंद और उनकी टीम (जिसमें पंकज कुमार और सुधीर कुमार जैसे पुलिस अधिकारी शामिल थे) की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न सिर्फ एक संभावित लूट को रोका गया, बल्कि एक पुराने मामले का भी खुलासा हुआ।