नाबालिगों के खिलाफ अपराध पर पुलिस का ढुलमुल रवैया, दावे खोखले, कार्रवाई नदारद
छुटमलपुर: फतेहपुर थाना पुलिस के नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्त कार्रवाई के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। पॉक्सो एक्ट के तहत एक आरोपी की गिरफ्तारी का दम भरने वाली पुलिस की कार्यप्रणाली उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब छुटमलपुर कस्बे में नाबालिग के साथ हुए जघन्य अपराध के पांच दिन बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। यह मामला पुलिस की लचर कार्यशैली और अपराधियों के प्रति नरम रवैये को उजागर करता है। पुलिस ने घटना के एक दिन बाद पॉक्सो एक्ट के तहत मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपी का कोई सुराग तक नहीं मिल सका। थानाध्यक्ष के आलाधिकारियों ने दावा किया था कि विशेष टीम गठित कर शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी, मगर यह दावा भी जुमला बनकर रह गया। पांच दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी न हो पाना पुलिस की नाकामी का जीता-जागता सबूत है। यह स्थिति न केवल पीड़ित परिवार के लिए निराशाजनक है, बल्कि समाज में पुलिस की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। नाबालिगों के खिलाफ अपराध जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस की सुस्ती अपराधियों के हौसले बुलंद कर रही है। फतेहपुर पुलिस की यह निष्क्रियता निंदनीय है, जो दर्शाती है कि उनके दावे केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित हैं। जनता का विश्वास जीतने के लिए पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाना होगा, अन्यथा अपराधी बेखौफ होकर समाज में आतंक मचाते रहेंगे।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़